शिक्षा विभाग शिक्षा व्यवस्था के प्रति कितना गंभीर है इसका अंदजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमाला के हाई स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए केवल एक ही शिक्षक है हालांकि पूरे स्कूल में कुल चार सदस्यों का स्टाफ है।
पढ़ाने के लिए शिक्षक केवल एक ही है। यह बहुत पहले की बात नहीं है अगस्त की ही है। जब स्कूल के तीन शिक्षक स्कूल से दूसरे स्थानों पर पढ़ाने के लिए भेज दिए गए।
स्कूल में वर्तमान में कुल 74 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए केवल एक शिक्षक है। चार सदस्यों के स्टाफ में एक हेडमास्टर, एक पीईटी और एक मिड डे मील इंचार्ज है और एक ही शिक्षक है।
स्थानीय अशोक जसोटिया, बलदेव सिंह, प्रमोद कुमार ने बताया कि स्कूल को हाल ही में अपग्रेड किया गया है। पहले जब स्कूल मिडिल स्कूल था तब स्कूल में सात सदस्यों का स्टाफ था।
हाई स्कूल बनने के बाद इस साल अगस्त में पहले एक शिक्षक का प्रमोशन हो गया और वह स्कूल से चला गया। इसके बाद दो शिक्षकों ने अपना तबादला करवा लिया जिसके कारण शिक्षकों की संख्या चार के बजाए केवल एक ही रह गई।
वहीं अन्य तीन सदस्य गैर आकस्मिक कार्यों के लिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जब पता होता है कि किस स्कूल में कितने विद्यार्थी हैं तो फिर स्कूल से शिक्षकों का तबादला कैसे किया गया।
अब विभाग कह रहा है कि आंतरिक व्यवस्था के तौर पर शिक्षकों को लाया जाएगा। विभाग स्पष्ट करे कि जिस स्कूल से शिक्षकों को लाया जाए वहां पर क्या विद्यार्थियों को प्रभावित नहीं होना पड़ेगा। ऐसे विभाग जल्द स्कूल में शिक्षकों की तैनाती करे।