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रंजीत सागर बांध में पायलट और हेलिकाप्टर की तलाश जारी

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कठुआ। तीन अगस्त को रंजीत सागर बांध में दुर्घटनाग्रस्त पायलट और रुद्र हेलिकाप्टर की खोज के लिए अभियान तेजी से जारी है। मलबे का पता लगाने के लिए सुरक्षा बल सर्वोत्तम उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं।
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सेना के प्रवक्ता के अनुसार इसमें रिमोट से संचालित अंडरवाटर व्हीकल, सोनार के साथ हैंडहेल्ड नेविगेशन सिस्टम, इको सेंसर के साथ साइड स्कैनर सोनार और पोर्टेबल ट्रांसड्यूसर, डाइवर्स प्रोपल्शन व्हीकल, मल्टी बीम सोनार और नेवी की सबमरीन रेस्क्यू यूनिट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा विशेष कमांडो, भारतीय नौसेना के मार्कोस के साथ तकनीकी साधनों के माध्यम से चिन्हित क्षेत्र में लगातार गोताखोरी कर रहे हैं।
भारतीय सेना की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि सेना ने एक बड़ा फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म भी बनाया है, जहां से सभी डाइविंग ऑपरेशन के साथ-साथ विशेषज्ञ उपकरणों के लांच को अंजाम दिया जा रहा है।
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एनडीआरएफ, विशेषज्ञ नागरिकों और बांध अधिकारियों के सथ एजेंसियों को भी तलाशी अभियान में शामिल किया गया है। बताया कि भारतीय नौसेना इस खोज और बचाव अभियान के लिए उन्नत उपकरणों का उपयोग कर रही है। जिस जगह गोताखोर नहीं पहुंच पा रहे हैं या दिक्कतें अधिक हैं, वहां दूर से नियंत्रित उपकरणों को गहराई में संचालित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक मल्टी बीम सोनार को भी अभियान में शामिल किया गया है।
सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि तलाशी अभियान का नेतृत्व कमोडोर रैंक के एक अधिकारी द्वारा किया जा रहा है, जो सिविल इंजीनियरिंग पहलुओं में विशेषज्ञता रखने वाले भारतीय सेना के ब्रिगेडियर के साथ-साथ नौसेना बचाव कार्यों में विशेषज्ञ हैं। इसके अलावा, जीओसी गुर्ज डिवीजन और जीओसी राइजिंग स्टार कॉर्प्स द्वारा दुर्घटनास्थल का नियमित दौरा कर तलाशी अभियान की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
तलाशी और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। बताया कि भारतीय सेना दुर्भाग्यपूर्ण इस हेलिकाप्टर के चालक दल के दूसरे सदस्य को वापस लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
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