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फुटपाथ पर सामान, सड़क पर राहगीर

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वार्ड नंबर दो चौक पर हटाई गई रेहड़ियां फिर लगीं। संवाद - फोटो : KATHUA
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कठुआ। शहर की प्रमुख सड़कों के साथ मुख्य बाजार में अतिक्रमण की समस्या लगातार गहराती जा रही है। दुकानदारों ने फुटपाथों पर कब्जा कर अपने दुकान के सामान सजा दिए हैं। ऐसे में पैदल राहगीर कहां चलें? मजबूरी में राहगीरों को फुटपाथ के बजाय सड़क पर चलना पड़ता है और हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं, सड़कों के किनारों पर भी लगने वाली रेहड़ियों की वजह से भी यातायात प्रभावित हो रहा है। सड़क के किनारे होने वाली अवैध पार्किंग भी समस्या को और बढ़ा रही है। इस ओर संबंधित विभागों द्वारा कोई ध्यान नही दिया जाना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।
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मार्च माह की शुरूआत के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सड़कों से अवैध पार्किंग के साथ वहां सुगम यातायात में बाधा पैदा करने वाली रेहड़ियां को हटाया गया था। लेकिन मात्र एक दिन की सख्ती के बाद हालात जस के तस हो गए। वहीं, करीब दो सप्ताह पूर्व नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। जिसके बाद लोगों ने राहत महसूस की। लेकिन आधे-अधूरे मन से की गई इस कार्रवाई के बाद दोबारा इस ओर ध्यान नही दिया गया। सिर्फ शहर के कोर्ट रोड पर अतिक्रमण को रोकने के लिए जिस स्थान पर रेहड़ियां लगती थी उस स्थान को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए प्रतिदिन नगर परिषद द्वारा वहां जेसीबी को खड़ा कर दिया जाता है। नगर परिषद द्वारा शहर के अन्य क्षेत्रों में ध्यान न दिए जाने से दुकानदारों ने फिर अतिक्रमण शुरू कर दिया है। दुकानदारों द्वारा किए जाने वाले अतिक्रमण से मुख्य बाजार सहित कॉलेज रोड, शहीदी चौक, जराई चौक सहित कई अन्य स्थान अछूते नही है। हैरानी की बात है कि नवरात्र से पूर्व बाजार की जांच करने पहुंची प्रशासन की टीम ने भी इस ओर ध्यान देने की जहमत नही उठाई। गौरतलब है कि शहर भर में ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां पर फुटपाथ सुरक्षित हो। फुटपाथों पर या तो अस्थायी दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है या फिर पक्की दुकानदार फुटपाथ तक दुकान के सामान सजा देते हैं। जिसके चलते लोगों को निकलने की जगह नहीं रह जाती है। वहीं सड़कों पर भी रेहड़ियों ने कब्जा कर रखा है। जिससे सड़क का आकार सिकुड़ गया है। पैदल निकलने वालों को भी दिक्कत होती है, जाम की समस्या भी पैदा हो जाती है। शहर की इस बड़ी समस्या के प्रति अधिकारियों के रवैए से साफ है कि वह इसके खिलाफ सिर्फ खानापूर्ति करने में ही लगे है। विदित रहे कि लगातार सिकुड़ रही शहर की सड़कों से होने वाले हादसों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन अभी तक कार्रवाई के नाम पर सिर्फ बसों के रूट में ही परिवर्तन किया गया है।

हीदी चौक के नजदीक फुटपाथ पर अतिक्रमण, लोग सड़क पर चलने को मजबूर। संवाद- फोटो : KATHUA

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