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अंधकारमय हो रहा विद्यार्थियों का भविष्य

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पत्रकारों से बात करते प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान सतपाल मंसोत्रा। संवाद - फोटो : KATHUA
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कठुआ। जम्मू कश्मीर में कोरोना के नाम पर विद्यार्थी और निजी स्कूलों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किए जाने का प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने सरकार पर आरोप लगाया है। शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एसोसिएशन के जिला प्रधान सतपाल मनसोत्रा ने बताया कि जम्मू कश्मीर में शिक्षा के इन महत्वपूर्ण संस्थानों के साथ वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य से सरकार की नीतियों के कारण अंधकारमय हो रहा है। जिसके विरोध में आगामी 24 दिसंबर को पूरे जम्मू संभाग के निजी स्कूल संचालकों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। ताकि गहरी नींद में सोई सरकार को जगाया जा सके।
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मनसोत्रा ने बताया कि जम्मू कश्मीर के साथ लगते पंजाब, हिमाचल प्रदेश व देश के अन्य राज्यों में स्कूल खुले हुए हैं। जहां विद्यार्थी अपनी नियमित शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। लेकिन जम्मू-कश्मीर में कोरोना के नाम पर स्कूलों को बंद किया जाना यहां विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 सालों से निजी स्कूलों के बंद होने के कारण उनकी आर्थिक दशा बिगड़ने लगी है। व्यवसायिक संस्थान की श्रेणी में आने वाले इन स्कूलों पर सरकार की ओर से लगाए जाने वाले किसी भी कर में कोई छूट नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूलों के बंद होने से इन स्कूलों में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए रखी गई स्कूल बसों को जंग लग रहा है और परिवहन विभाग इन वाहनों के न चलने के बावजूद अपने कर की अदायगी के लिए दबाव बना रहा है। इसी तरह स्कूलों में बिजली के बिल, नगर परिषद के करों का भुुगतान लगातार संचालकों को परेशान कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बोर्ड परीक्षा के नाम पर 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति दी है लेकिन इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को खासा नुकसान हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली इन प्रतियोगिताओं में सभी पूरे देश से विद्यार्थी शामिल होते हैं। जिन्होंने अपनी पूरी नियमित शिक्षा पाठ्यक्रम के अनुसार 11वीं और 12वहीं की शिक्षा पूरी की होती है। परीक्षा के दौरान आने वाले प्रश्न पत्र में विद्यार्थी को केवल 12वीं के पाठ्यक्रम के अनुसार ही उत्तर नहीं देने होते हैं, उसमें 11वीं का भी पाठ्यक्रम शामिल होता है। जम्मू कश्मीर में सरकार के आदेश के अनुसार 11वीं कक्षा की विधिवत शिक्षा न लेने वाला विद्यार्थी इन परीक्षाओं में पिछड़ सकता है। जिसका नुकसान जम्मू कश्मीर के हर परिवार को उठाना पड़ेगा। इसी को देखते हुए सभी निजी स्कूलों के संचालक सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराने के लिए 24 दिसंबर को जम्मू प्रेस क्लब के समक्ष अपना रोष प्रदर्शन करेंगे। इसमें कठुआ जिला के सभी जनों के निजी स्कूल के संचालक भी शामिल होंगे। ताकि बच्चों के भविष्य से निश्चिंत होकर गहरी नींद सोई सरकार को जगाया जा सके।
पत्रकार वार्ता के दौरान प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन महासचिव इंजीनियर नरेश कुमार, मदन मोहन शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता, रशपाल सिंह, संयोजक दिवाकर सिंह, प्रवीण कौसर आदि उपस्थित रहे।
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