डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए जीएमसी कठुआ में स्थापित किया गया विशेष वार्ड। संवाद
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कठुआ। जिलें में डेंगू अब एक बार फिर आक्रामक हो गया है। कोरोना के बीच डेंगू तेजी से बढ़ता जा रहा है। वीरवार को भी जिले में चार नए डेंगू के मामले सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों में अभी भी जिले में जहां डेंगू के कुल मिलाकर मामले 29 ही हैं, वहीं अनाधिकारिक तौर पर यह आंकड़ा इससे दोगुने से भी अधिक है। पिछले 15 दिन में ही सामने आ रहे मामलों का आंकड़ा 44 पहुंच चुका है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की मानें तो स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। जीएमसी कठुआ में वीरवार को विशेष रूप से डेंगू वार्ड स्थापित कर दिया गया है।
अस्पताल में नौ डेंगू पॉजिटिव मरीजों का इलाज मेडिसिन वार्ड में जारी है। जबकि इतने ही और मरीजों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से वीरवार को जीएमसी के सहायक अस्पताल परिसर में डेंगू रोकथाम के लिए एहतियाती तौर पर स्प्रे भी करवाया गया है। वीरवार को नगर परिषद की ओर से शहर के वार्ड 15 और 19 में भी डेंगू रोकथाम के लिए स्प्रे किया गया है। जिले में उपलब्ध संसाधनों के साथ ही स्वास्थ्य महकमा वर्तमान में डेंगू से लड़ने का प्रयास कर रहा है। दरअसल डेंगू के डंक को रोकने के लिए इस बार बरसात के बाद किए गए इंतजामों का भारी अभाव देखा गया। पंजाब के जम्मू कश्मीर से सटे पठानकोट में सितंबर माह में ही डेंगू के पॉजिटिव मामले 150 को पार कर गए थे। पंजाब में वीरवार को डेंगू से ग्रस्त लोगों को आंकड़ा 5500 पार कर गया है। जिसके बाद कठुआ से बुखार और डेंगू की शिकायत के बाद इलाज के लिए पंजाब जाने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डेंगू के मामले बढ़ने के बावजूद जिले में कोई भी इंतजाम नहीं दिखाई दिए। हालात अब भी ऐसे हैं कि जिन इलाकों से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं अमले को उसी ओर लगा दिया जाता है। कारक मच्छर को लेकर लिए जाने वाले सैंपल के लिए जम्मू से विशेषज्ञ टीम को अभी तक नहीं बुलाया गया है। दो वर्ष पूर्व भी जिले में सौ से अधिक डेंगू के मामले रिपोर्ट हुए थे। सीएमओ कठुआ डा. अशोक चौधरी ने बताया कि जिले में हालात फिलहाल नियंत्रण में है। टीमों को जहां से मामले सामने आ रहे हैं, वहां स्प्रे के लिए लगाया गया है।