के-4 फीडर से चलने वाले शहर के बिजली कनेक्शनों के स्टेटस की जांच करती बिजली विभाग की टीम। संवाद
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कठुआ। जिले में पांच फीडरों में जल्द ही न तो बिजली चोरी होगी और न ही कटौती की जाएगी। व्यवस्था को बेहतर करने के लिए बिजली विभाग ने विभिन्न बिजली सब डिवीजनों के पांच फीडरों को पॉयलट फीडर के रूप में चुनकर काम शुरू कर दिया है। इनमें कठुआ शहर के मुख्य बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों को बिजली सप्लाई करने वाला के-4 फीडर, हीरानगर का कट्टल फीडर, बिलाव का देवल फीडर, रामकोट का उज्ज फीडर और बसोहली का समान जंदरोटा फीडर शामिल है। विभाग के 7785 कनेक्शनों को पॉयलट फीडरों के तहत जांच किया जा रहा है। यानि की इन फीडरों से अवैध कनेक्शनों को हटाने के साथ ही मीटिरिंग और लोड डिस्ट्रीब्यूशन पर भी काम किया जा रहा है। विभाग की मानें तो यह लोगों को बेहतर बिजली सेवा मुहैया करवाने की तरफ उठाया गया एक बड़ा कदम है। इससे अनियमित बिजली कटौती के साथ-साथ ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने की संख्या को भी काफी हद तक घटाया जा सकेगा।
बिजली विभाग की ओर से पॉयलट फीडरों के कनेक्शनों की जांच करने की प्रक्रिया में विभाग का राजस्व भी कई गुणा बढ़ने की उम्मीद है। बिलावर के देवल फीडर में 1450 कनेक्शनों की जांच करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी जिसमें 150 कनेक्शनों की जांच करने की प्रक्रिया में ही अबतक 60 किलोवॉट लोड बढ़ा दिया गया है। इसके साथ साथ कई नए कनेक्शन भी विभाग ने मौके पर ही जारी करते हुए अवैध कनेक्शन हटा दिए हैं। हीरानगर के कट्टल में 298 कनेक्शनों पर भी यह प्रक्रिया तेजी से जारी है। बसोहली सब डिवीजन के समान जंदरोटा में भी विभाग ने 902 कनेक्शनों पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अबतक तीन सौ कनेक्शनों पर काम पूरा कर लिया गया है। रामकोट में उज्ज फीडर के 3839 कनेक्शनों पर काम शुरू हो चुका है। तो वहीं कठुआ शहर में के-4 फीडर के 1296 कनेक्शन में से तीन सौ कनेक्शन की जांच कर ली गई है।
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जिले में सभी बिजली सब डिवीजनों में एक एक फीडर को पॉयलट फीडर के तौर पर तैयार किया जा रहा है। यह बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है। बेहतर बिजली व्यवस्था के साथ ही उन्हें नियमित बिजली सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जिसके बाद जिले के अन्य फीडरों के सभी कनेक्शनों को भी एक-एक कर जांचा जाएगा।
मदन लाल भगत
कार्यकारी अभियंता
बिजली विभाग