कठुआ। अपने काम का फीडबैक आम लोगों से प्राप्त करने के लिए सरकार ने एक नई योजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पखवाड़े के अवसर पर देश भर से पांच करोड़ फीडबैक कार्ड मांगे गए हैं, जिनमें से 40 हजार कार्ड कठुआ से भेजे जाएंगे।
जिले में विकास की बयार को महसूस करने वाले और केंद्र की योजनाओं से लाभान्वित हुए लोग अपना अनुभव इस कार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे। इसके लिए भाजपा बूथ स्तर पर तैयारियां कर रही है। मंगलवार को इन्हीं तैयारियों की समीक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर में भाजपा के सह प्रभारी आशीष सूद कठुआ पहुंचे।
भाजपा जिला कार्यालय में बैठक कर पदाधिकारियों से जानकारी लेने और उन्हें निर्देश देने के बाद आशीष ने मुखर्जी चौक पहुंचकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 7 अक्टूबर को 20 साल पूरे होंगे। उनके जन्मदिन से 7 अक्टूबर तक हर बूथ से उनकी योजनाओं के लाभार्थियों और विकास के प्रत्यक्षदर्शियों से संपर्क कर प्रधानमंत्री की दीर्घायु के लिए देशभर से पांच करोड़ कार्ड लिखे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 40 हजार कार्ड अकेले कठुआ के विभिन्न बूथों से लिखवाए जाएंगे। जिन लोगों ने आयुष्मान कार्ड, आवास योजना का लाभ लिया है, या जो लोग परिवर्तन को महसूस कर रहे हैं, वे अपने विचार लिखकर प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे। इसकी तैयारियों की समीक्षा के लिए कठुआ में आज बैठक रखी गई थी।
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए आशीष ने कहा कि जम्मू कश्मीर में 5 अगस्त 2019 के बाद व्यापक बदलाव हुए हैं। पंचायतों में जनता तय करती है कि विकास के लिए राशि कहां लगाई जानी है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी कानून लागू हो गए हैं। 11 लाख 56 हजार किसानों को सात या आठ किस्तें लाभ की मिली हैं। इस मौके पर पूर्व मंत्री राजीव जसरोटिया ने कहा कि भाजपा समय-समय पर संगठन की समीक्षा करती है। उसी दृष्टि से मंगलवार को बैठक रखी गई। आने वाले कार्यक्रमों को लेकर पार्टी कार्यालय में चर्चा हुई है।
जिला अध्यक्ष गोपाल महाजन ने बताया कि 2 अक्टूबर यानी महात्मा गांधी की जयंती पर भाजपा बूथ स्तर से मोदी जन्मदिवस पखवाड़ा मनाते हुए कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। जिले के आठ मंडलों के सभी शक्ति केंद्र प्रमुख हैं। वे सभी पोलिंग बूथों पर कार्यक्रम सुनिश्चित करेंगे। ताकि, संगठन और मजबूत हो सके।
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जब लोगों ने पूछना छोड़ दिया तो फिर क्या फर्क पड़ता है
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ओर से चुनाव में भाग न लेने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश सह प्रभारी ने कहा कि जब लोगों ने पूछना छोड़ दिया, तो चुनाव लड़ें या न लड़ें, उससे क्या फर्क पड़ता है। सूद ने कहा कि पीडीपी खुद को मुख्यधारा की पार्टी कहती थी। 280 सीटों में से पीडीपी ने डीडीसी चुनाव कितनी सीटों पर लड़ा? उससे ज्यादा सीटों पर तो भाजपा ने चुनाव लड़ा है। दूसरे खिलाड़ी के रूप में नेकां या कांग्रेस के पीछे रहकर पीडीपी सरकार हासिल करना चाहती है। तथाकथित गुपकार गठबंधन के गलत काम 5 अगस्त 2019 के बाद से जगजाहिर होने लगे हैं।