हीरानगर। मढीन में किसानों का धरना मंगलवार को 11वें दिन भी जारी रहा। मांगों पर अड़े किसानों ने कहा जब तक मांगे पूरी नहीं होती संघर्ष इसी तरह से चलता रहेगा। खराब हुई फसलों का मुआवजा और बिजली बिल माफ करने की मांग को लेकर किसानों की ओर से 2 अक्तूबर को तहसील कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया गया था।
किसान नेता चौधरी शिवदेव सिंह ने कहा बैंक कर्ज में डूबे किसान सरकार से आर्थिक सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन उन्हें सहायता देने की बजाय परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 और 2020 में खराब हुई फसलों का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिला है। यह मुआवजा सिर्फ फाइलों में ही बनाया गया है। दिल्ली में नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में उन्होंने कहा सरकार ऐसे कानूनों को रद्द करे जो किसानों को स्वीकार नहीं है। अन्नदाता के प्रति सरकार का अड़ियल रवैया बेहद निंदनीय है। धरने पर मखनी बंदराल, भीकमचंद, रंजीत सिंह, तरसेम चंद, गौतम सिंह, नागरमल, सोहन सिंह, करण सिंह, राकेश शर्मा, रामेश्वर शर्मा, गणेश दास, अर्जुन सिंह आदि मौजूद रहे।