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भगवान कृष्ण के जन्म पर चहुंओर गूंजे जयकारे

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शहर के पंडोरी धाम आश्रम में आयोजित श्रीमद भगवत कथा के दौरान प्रस्तुत भगवान कृष्ण के बाल रूप की झा? - फोटो : KATHUA
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कठुआ। शहर के वार्ड दो स्थित पंडोरी धाम आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। वीरवार को कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस मौके पर कथा व्यास खेमराज शास्त्री ने श्रीमद भागवत पुराण के दशम स्कन्द में प्रवेश करने के साथ जैसे ही कृष्ण के जन्म की घोषणा की। हर तरफ हर्ष का माहौल उत्पन्न हो गया।
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कथा स्थल पर जैसे ही कंस के कारागार से लेकर नंदबाबा के दरबार तक वासुदेव के आने की झांकी प्रस्तुत की गई तो उपस्थित भक्त भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी देखकर अपनी सुध बुध खो बैठे। वहीं इस मौके पर कथा व्यास द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु झूमने लगे। वहीं इस मौके पर कथा व्यास द्वारा लुटाई जा रही मिठाईयों के महाप्रसाद को पाने के लिए हर श्रद्धालु लालायित दिखा।
इस मौके पर कथा व्यास खेमराज शास्त्री ने कहा कि मनुष्य भक्ति रूपी आंख से ही परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। सभी प्राणियों पर परमात्मा का समभाव रहता है। प्राणियों में निष्ठा और विश्वास है तो वह अपने सदकर्म के बल पर उन्हें प्रत्येक जगहों पर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रहलाद की निष्ठा और भक्ति का ही परिणाम था कि हिरण्यकश्यप से उसकी रक्षा के लिए भगवान को नरसिंह रूप में खंभे से अवतार लेना पड़ा था। इसलिए हम भगवत कृपा को तभी प्राप्त कर सकते हैं जब पूर्ण रूपेण उनकी शरण में चले जायें।
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