कठुआ। लगभग 13 माह से अटका शाहपुर कंडी परियोजना का जम्मू-कश्मीर की नहर में काम सोमवार से शुरू होने जा रहा है। शनिवार को पंजाब और जम्मू-कश्मीर के प्रधान सचिवों ने शाहपुर कंडी परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक की, जिसमें परियोजना में तेजी लाने और अवरोधकों को दूर करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर जलशक्ति विभाग के प्रधान सचिव अशोक कुमार परमार और पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव कृष्ण कुमार के साथ संयुक्त रूप से परियोजना की प्रगति को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। इसके साथ ही मासिक स्तर पर परियोजना की समीक्षा और निगरानी को लेकर भी सहमति बनी, ताकि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त राहुल पांडेय ने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि पेड़ों की कटाई, ढांचों को हटाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य जोरों पर है, जिसे दो दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्माण गतिविधियों में कोई बाधा नहीं आएगी और कार्यों का निष्पादन एक साथ किया जा सकता है। प्रमुख सचिव ने बसंतपुर की ओर से संगम स्थल पर सुरक्षा जांच का प्रावधान रखने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक के दौरान कर्मचारियों की कमी के मुद्दे पर भी चर्चा की गई, जिसके जवाब में दोनों पक्ष आवश्यक जनशक्ति को तैनात करने पर सहमत हुए।
अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ने अवगत कराया कि जलाशय के डूब क्षेत्र में आने वाले नोरा पुल का कार्य आवंटित किया गया था, और मिट्टी की जांच की गई थी। बताया कि पुल डिजाइन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वन्यजीव विभाग द्वारा काम रोक किया गया था। इसके बाद सभी दस्तावेज को वैधानिक मंजूरी प्राप्त करने के लिए परवेश पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।
प्रमुख सचिव ने मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी को लखनपुर-बसोहली सड़क के नोरा पुल का काम जुलाई 2023 से पहले पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित मुद्दों जैसे कि हाइडल चैनल के हेड रेगुलेटर का शिखा स्तर बढ़ाना, रावी नहर के लिए हेड रेगुलेटर का निर्माण, रावी नहर के शेष हिस्से का निर्माण और सुखाल खड्ड पर एक्वाडक्ट का निर्माण, नोरा पुल के निर्माण, भूमि अधिग्रहण, संरचनाओं की लागत, पेड़ों की कटाई सहित लखनपुर-बसोहली सड़क के संरक्षण को स्थानांतरित करने सहित कश्मीर कनाल के लिए साइफन के निर्माण पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रमुख सचिव ने उपायुक्त कठुआ को भूमि अधिग्रहण के मामले में तेजी लाने का निर्देश दिया और डिवीजन मैनेजर एफडीसी जम्मू को युद्ध स्तर पर पेड़ों की कटाई के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। ताकि रावी नहर का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
ज्ञात रहे कि 2715.70 करोड़ रुपये की शाहपुर कंडी बांध परियोजना एक बार पूरी हो जाने के बाद 1150 क्यूसेक का सुनिश्चित सिंचाई पानी उपलब्ध कराएगी। जो जम्मू-कश्मीर के कठुआ, हीरानगर, सांबा और विजयपुर क्षेत्र में पड़ने वाली 32173 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करेगी। दौरे के दौरान मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार, डीसी राहुल पांडेय, डीसी सांबा अनुराधा गुप्ता आदि मौजूद रहे।