कठुआ। अप्रैल माह में दो तारीख से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हैं। दो साल के लंबे इंतजार के बाद प्रशासन ने कठुआ के मुख्य बाजार स्थित माता आशा पूर्णी मंदिर में सुबह के समय आरती की अनुमति दी है। कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उधर, मंदिर कमेटियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी कहा गया है।
वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में जिला उपायुक्त राहुल यादव ने जिला अधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान नवरात्र के दिनों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए। इसके अलावा पर्व के सुचारु संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक में परिवहन, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली आपूर्ति, प्राथमिक उपचार की सुविधा, बाजार की जांच और सुरक्षा की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त ने मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत के निर्देश दिए। पीएचई अधिकारियों को तीर्थ स्थलों और महत्वपूर्ण यात्रा पथ मार्गों पर पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और बिजली विभाग को सभी मंदिरों में निर्बाध बिजली आपूर्ति का निर्देश दिया गया। पुलिस विभाग को मंदिरों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के साथ यातायात सुगम बनाने के आदेश हैं। सीईओ लखनपुर सरथल विकास प्राधिकरण (एलएसडीए) को विभिन्न मंदिरों और यात्रा मार्गों पर प्राधिकरण की ओर से स्थापित हाई मास्ट लाइटों की समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही माता सुकराला और माता बाला सुंदरी श्राइन बोर्ड के भंडारे के लिए पत्तल और दोना का उपयोग करने का आह्वान किया गया।
बाजारों में नियमित निरीक्षण करेंगी टीमें
नवरात्र महोत्सव के दौरान विभिन्न विभागीय टीमों को बाजारों का औचक निरीक्षण कर जांच करने और रेट लिस्ट से लेकर साफ-सफाई आदि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी धर्मस्थलों पर जीवन रक्षक औषधियों, प्राथमिक उपचार के साथ चिकित्सकों की एक टीम और किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस के साथ आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग और संबंधित तहसीलदार को खाने की गुणवत्ता, मिलावट और मुनाफाखोरों की नियमित जांच के लिए कहा गया है। डीसी ने आदेश दिया है कि किसी भी घटना से निपटने के लिए दमकल और आपातकालीन सेवाएं तैनात करेंगी। उपायुक्त ने नगर परिषद और नगर कमेटी के अधिकारियों को धार्मिक स्थलों और उसके आसपास सफाई सुनिश्चित करने और सार्वजनिक शौचालयों को व्यवस्थित रखने का निर्देश है।