फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सादगी के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का पर्व

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना महामारी के चलते जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व इस बार भी सादगी के साथ मनाया गया। इस दौरान नमाजियों ने प्रशासन द्वारा जारी निर्देश का पालन करते हुए ईदगाह के बजाय अपने-अपने क्षेत्रों की मस्जिद में ही नमाज अदा की। इस मौके पर शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाजियों ने कोरोना संक्रमण से निजात दिलाने के लिए विशेष रुप से प्रार्थना की।
विज्ञापन

शहर की पारली वर्ल्ड स्थित जामा मस्जिद में नमाज अदा कर रहे लोगों को मस्जिद के मौलाना जाकिरिया ने पर्व के महत्व पर प्रकाश डालने के बाद उन्हें नमाज अदा करवाई। अलग-अलग स्थानों पर हो रही नमाज के चलते शहर के ईदगाह मैदान सहित बाजारों में भी खास रौनक नहीं दिखाई दी। लेकिन बच्चों में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया। नए पोशाकों में सजधज कर मस्जिदों में परिवार के सदस्यों के साथ पहुंचे।
मुस्लिम कमेटी के प्रधान शकील अहमद टोनी ने बताया की प्रशासन के निर्देशानुसार उन्होंने जिला में रहने वाले बिरादरी के सभी सदस्यों को अपने-अपने इलाकों में स्थित मस्जिद में ही नमाज अदा करने की अपील की थी। जिसके चलते इस पवर के चलते ईदगाह मैदान में होने वाली भीड़ नहीं दिखाई दी। पर्व के संबंध में उन्होंने बताया कि ईद उल अजहा इस्लाम को मानने वालों का एक प्रमुख त्योहार है।
विज्ञापन

इस्लामिक मान्यता के अनुसार इस दिन हजरत इब्राहिम अल्लाह के हुक्म पर अपने पुत्र हजरत इस्माइल को कुर्बान करने के लिए तैयार हो गए थे। लेकिन अल्लाह ने उनके पुत्र को जीवनदान दिया था। तभी से इस त्योहार पर जानवरों की कुर्बानी देने की प्रथा चल रही है। उन्होंने कहा कि नमाज के दौरान मानवता की रक्षा के साथ-साथ समाज के भाईचारे की दुआएं मांगी गई है।
नमाज और कुर्बानी से फुर्सत पाने के बाद मुस्लिम परिवारों में दावतों का दौर देखने को मिला। इस दौरान घरों में मुबारकबाद देने पहुंचे लोगों के सामने परंपरा के अनुसार लजीज पकवान परोस कर खुशी का इजहार किया। आपको बता दें कि इसी तरह बिलावर, बसोहली, बनी हीरानगर आदि इलाकों में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कोरोना के नियमों का पालन करते हुए नमाज अदा की है।
बिलावर उपमंडल में लोगों ने घर में ही नमाज अदा की। सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। रामकोट के किलयाल मस्जिद, गूड़ा कल्याण ईस्ट और पंचायत रामकोट में भी नमाज अदा की गई। इस मौके पर स्थानीय निवासी मंजूर हुसैन ने कहा कि उन्होंने अमन चैन के लिए दुआ की। दर्मनी में भी पर्व सादगी के साथ मनाया गया।
हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने का दिया संदेश
कठुआ। एनएसयूआई की राष्ट्रीय संयोजक एवं कांग्रेस नेत्री खुशबू भगत ने नगरी में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ ईद-उल- अजहा का पर्व मना कर हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने का संदेश दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ईद हो या दिवाली प्रत्येक त्योहार हमारे देश का त्योहार है। हमारे देश की एकता अखंडता इसी प्रकार बनी रहनी चाहिए। उन्होंने देश को धर्म के नाम पर बांटने वालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग हमारे देश को अलग-अलग जाति एवं धर्म में बांटना चाहते हैं, लेकिन इतिहास गवाह ऐसी सोच रखने वालों को हमेशा करारा जवाब मिला है। हम सभी एकजुट होकर अपनी कौमी एकता को मजबूत रखेंगे। इस मौके पर मुस्लिम समाज के कई लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें