नोटबंदी के बाद सरकार द्वारा किश्तों में दी जारी राहतों में शनिवार का दिन महिलाओं और बुजुर्गों के नाम रहा। 500 और 1000 के पुराने नोट बदलवाने महिलाओं के साथ बुजुर्ग भी पहुंचे। कई बैंकों में तो पुलिस भी इस बात के लिए तैनात की गई थी कि महिलाओं की मदद हो सके। इसके साथ ही बुजुर्गों की मदद के लिए भी पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई। दिनभर बैंकों में महिलाओं और बुजुर्गों की भीड़ देखने को मिली।
बैंक आई आशा रानी, वीना देवी, प्रवीण देवी ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए इस फैसले से थोड़ी परेशानी हुई है। लेकिन भविष्य के लिए यह जरूरी था। शनिवार का दिन आधी आबादी के लिए विशेष तौर पर रखने के फैसले पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी पैसों की आवश्यकता होती है।
पिछले कुछ दिनों से वह घर के पुरुषों या फिर अपने बेटों के सहारे ही बैठी थीं। लेकिन शनिवार का दिन उनके लिए तय करने का फैसला सही है। उन्होंने कहा कि हर सप्ताह में एक दिन महिलाओं को बुजुर्गों के लिए तय किया जाना चाहिए, ताकि महिलाएं भी अपने बैंक संबंधी कार्य कर सकें।