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पालीथिन और सीमेंट की तस्करी का प्रयास विफल

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कठुआ। आबकारी विभाग ने सीमेंट और प्रतिबंधित पालीथिन की तस्करी के प्रयासों को विफल किया है। जानकारी के अनुसार दो अलग-अलग मामलों में आबकारी विभाग की टीमों ने दो ट्रकों को रोका जिसके बाद जांच में एक ट्रक से 3600 किलोग्राम पालीथिन और दूसरे से तस्करी कर लाया जा रहा 80 बैग सीमेंट बरामद हुआ है।
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आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रक संख्या एचपी 73-0329 की जांच में प्रतिबंधित पालीथिन की खेप बरामद हुई है, जिसे एंटी पालीथिन चेक पोस्ट को सौंप दिया गया है। दूसरे ट्रक जेके08ई-9228 से 80 बैग सीमेंट बरामद किया गया है, जिसे 49,060 रुपये बतौर टोल और पेनाल्टी वसूल लिया गया है। कुछ दिन पहले ही विभाग ने एक और ट्रक को छिब्बा चक के नजदीक पकड़ा था, जिसमें सीमेंट तस्करी कर ले जाया जा रहा था। ट्रक संख्या जेके08क्यू-1641 से 24 हजार 310 रुपये टोल और पेनल्टी वसूली गई थी। अभियान को ईटीओ राहित शर्मा, संदीप गुप्ता और अब्दुल रहमान के साथ इंस्पेक्टरों की टीम ने अंजाम दिया।


सीमेंट की आड़ में होती है पालीथिन की तस्करी
राज्य में सीमेंट की आड़ में पालीथिन की तस्करी होती है। पुख्ता सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर की टोल पोस्ट सहित आबकारी विभाग की माइनर पोस्टों से तस्करों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। विलो क्लेफ्ट और पालीथिन की तस्करी का नेटवर्क धड़ल्ले से काम कर रहा है। इसके तहत राज्य से बाहर विलो क्लेफ्ट की तस्करी की जाती है और उसी ट्रक में सीमेंट की आड़ में प्रतिबंधित पालीथिन की तस्करी होती है। दरअसल, सीमेंट से लदे ट्रकों की जांच में लेबर भी आगे नहीं आती है। सीमेंट के एक-एक बैग को उतारकर जांच करवाना आबकारी विभाग के लिए भी आसान नहीं होता है। इसी का फायदा तस्करी उठाते हैं। हालांकि मामला इसलिए भी गंभीर है चूंकि सीमेंट की आड़ में राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर सामान की तस्करी होने की संभावना भी बनी रहती है।
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कैसे लौंडी तक पहुंच गया ट्रक
आबकारी विभाग ने तस्करी के दो प्रयासों को तो विफल कर दिया, लेकिन यह खुद में एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। माइनर पोस्टों से सीमेंट की तस्करी में कुछ स्थानीय लोगों के साथ विभागीय लोगों की मिलीभगत का भी अंदेशा है। यही कारण है कि आबकारी विभाग की कई माइनर पोस्टों पर तैनात स्टाफ को धता बताकर सीमेंट के साथ अन्य सामान की भी तस्करी होती रही है। विभाग के पास ट्रकों की स्कैनिंगका भी कोई सिस्टम नहीं है। इस सबंध में पिछले दिनों ही राज्यपाल के सलाहकार भी दो टूक निर्देश दे चुके हैं कि लखनपुर में स्कैनर लगाए जाएं, ताकि ट्रकों की जांच नियमित हो और देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।
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