कठुआ। एक माह से जिले में चोरों का आतंक है। सूने घरों के अलावा अब चोर दुकानों को भी निशाना बना रहे हैं। एक माह में कठुआ शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दर्जनों ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। सीसीटीवी कैमरों में वारदातें रिकार्ड हो चुकी हैं। इसके बावजूद पुलिस को गिरोह का भंडाफोड़ करने में कोई कामयाबी नहीं मिली है। आलम यह है कि बीती रात चोरों ने राजबाग के एक मंदिर से छह से सात हजार रुपये, बरमौरी-पंडोरी मार्ग पर दो दुकानों में 11 हजार रुपये व माल ले गए। इससे पहले लोगेटे मोड़, चनग्रां, हटली मोड़ और शहर के कई हिस्सों में चोरी की वारदातों को चोरों ने अंजाम दिया है।
शहर में नफरी के कम होने का फायदा चोर बखूबी उठा रहे हैं। पैरामिलिट्री फोर्स उत्तर प्रदेश में चुनाव करवाने के लिए रवाना हुई। जिसका फायदा चोरों ने जमकर उठाया है। पुलिस भी इस बात को मान रही है कि पैरामिलिट्री के अभाव में गश्त कम हुई है, लिहाजा लोगों को चौकीदारों की मदद लेनी चाहिए। सीसीटीवी लगवाने चाहिए और खुद भी चौकस रहने की जरूरत है। पुलिस के अनुसार चोरी के कई मामलों में रिपोर्ट ही नहीं की जाती है, ऐसे में चोरों को पकड़ना और भी मुश्किल हो जाता है। एसएसपी कठुआ रमेश चंद्र कोतवाल ने बताया कि बीते साल जनवरी और फरवरी माह में हुई चोरियों के मुकाबले इस साल चोरियां कम हुई हैं। कहा कि पुलिस ने कुछ मामलों में चोरों को पकड़ा है। पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है और नियमित गश्त के निर्देश दिए गए हैं। पैरामिलिट्री की कंपनियां चुनाव ड्यूटी पर गई हैं। ऐसे में लोगों को खुद भी सतर्क रहने की जरूरत है।
बेरोजगारी और नशा भी चोरी की वजह
चोरों के हौसले इसलिए भी बुलंद हैं, क्योंकि जिले में होने वाली छोटी चोरियाें की लोग ही रिपोर्ट नहीं करते हैं। या फिर इनमें कार्रवाई ही नहीं होती है। पुलिस भी ऐसे मामलों को दर्ज करने से परहेज ही करती। उन्हें भी दर्ज मामलों को निपटाने का दबाव रहता है। बड़ी चोरी के मामले दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी जाती है। ऐसे में छोटी चोरियों को लगातार अंजाम दे रहे चोरों के भी हौसले बुलंद हो चुके हैं।
सड़क किनारे खड़ीं बाइकें भी चोरों के निशाने पर
जीएमसी कठुआ के अंदर और बाहर भी रोजाना चोरी के मामले सामने आते हैं। आलम यह है कि दूर दराज इलाके से अपने मरीज की देखभाल में जुटे तीमारदारों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। जीएमसी परिसर से अब तक दर्जनों बाइक चोरी के मामले सामने आ चुके हैं। शहर में सड़क किनारे खड़ी की गई बाइकों को भी चोरी करने के मामले सामने आए हैं। पंजाब से सटी हुई जिले की सीमा का भी चोर फायदा उठाते हैं और इससे पहले कि पुलिस सक्रिय हो चोर कई बार पंजाब की सीमा लांघ चुके होते हैं।