कठुआ। शहर में शनिवार रात बस से कुचलकर नौ वर्षीय बच्ची की मौत मामले में लोगों में भारी आक्रोश है। परिजनों के साथ गुस्साए लोगों ने रविवार सुबह पहले सावन चक मार्ग पर बसों का परिचालन बंद करवा दिया। इसके बाद हटली मोड़ चौक पर जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर दो से तीन दिन में रूट बदलकर बसों का परिचालन शहर के बाहर से नहीं किया गया तो लोग उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। वहीं अफसरों के आश्वासन पर लोग शांत हुए। तब जाकर यातायात बहाल हो सका।
बतादें शनिवार रात कठुआ से हटली मोड़ जाने वाले मार्ग पर करीब 9:30 बजे हादसा हुआ था। बच्ची माही पुत्री विनोद कुमार शर्मा निवासी सावन चक कठुआ अपने माता के साथ सड़क पर वॉक करने निकली थी। वह साइकिल पर सवार थी। इस बीच तेज गति से आ रही बस ने उसे कुचल दिया था। इधर, रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद बच्ची के शव को लेकर हाईवे पर पहुंचे गुस्साए परिजनों के साथ हटली मोड़ हाईवे पर स्थानीय लोगों ने पुलिस, प्रशासन और यातायात विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। लगभग एक घंटे तक हाईवे पर लोग डटे रहे। प्रदर्शनकारियों कहा कि आए दिन शहर में हादसे हो रहे हैं।
बताया कि शनिवार रात को बस से कुचले जाने से तीसरी मौत सवा महीने के भीतर हुई है। दो मौत के बाद बसों का परिचालन कॉलेज मार्ग से बंद कर दिया गया था। बसों को नए बस अड्डे से वाया हटली मोड़ हाईवे पर डायवर्ट किया गया। लेकिन गति पर नियंत्रण न होने से लोगों ने पहले भी रोष जताया और पुलिस ने समय रहते कोई उचित कदम नहीं उठाया। जिसका नतीजा यह निकला है कि एक बच्ची को भी जान गंवानी पड़ी है। लोगाें ने कहा कि बसों की बेलगाम गति ने शहर के सड़कों को खूनी रंग दे दिया है। सवा महीने के भीतर तीन मौतें हुई हैं। हैरत इस बात की है कि तीन हादसों के बाद भी पुलिस, प्रशासन और खासकर यातायात विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है।
बिना पार्किंग के तैयार हुए मॉल और हॉल
मामले में नगर परिषद कठुआ को भी जिम्मेदार ठहराते हुए लोगों ने कहा कि शहर में अधिकतर शॉपिंग माल और मैरिज हॉल में पार्किंग की कोई भी व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद धड़ल्ले से एनओसी जारी है। प्रदर्शनकारियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि अवैध पार्किंग की वजह से रोजाना हादसे हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि शहर की सड़कों पर अवैध पार्किंग, अतिक्रमण को हटाने में नगर परिषद पूरी तरह से नाकाम साबित है। आज भी फुटपाथ पर कब्जा है। लोग सड़कों पर चलने को मजबूर हैं।
डेढ़ घंटे हाईवे पर डटे रहे प्रदर्शनकारी
लगभग डेढ़ घंटे तक प्रदर्शनकारी हाईवे पर डटे रहे। पुलिस ने मामला दर्ज करने की चेतावनी दी, लेकिन फिर भी लोग हटने को तैयार नहीं थे। लोगों का कहना है कि यदि आम लोगों के खिलाफ मामले दर्ज करने से मौत का यह सिलसिला रुक सकता है तो पुलिस ऐसा करके भी देख ले। जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने लोगों को कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया, फिर जाकर प्रदर्शनकारी हाईवे से हटे।
शहर में लगातार हो रहे हादसों को रोकने और विकल्प तलाशे जाने के लिए हितधारकों के साथ जल्द बैैठक की जाएगी। बसों का परिचालन बंद कर देना किसी भी समस्या का हल नहीं है। ऐसे में सही जगह से परिचालन हो और यातायात नियमों का पालन हो, यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। जिसके लिए सख्ती अपनाई जाएगी। - राहुल यादव, डीसी कठुआ