गाद से पटी कठुआ शहर के बीच से बहने वाली नहर। संवाद
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कठुआ। जिले में नहरों की सफाई का काम इसी सप्ताह शुरू होने जा रहा है। सिंचाई विभाग की ओर से टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्यों का आवंटन कर दिया गया है। उधर, लगातार दूसरे साल भी सब माइनर कूहलों की सफाई ग्रामीण विकास विभाग की ओर से नहीं करवाई गई। सरकार की ओर से बाकायदा कूहलों के खत्म हो रहे अस्तित्व को देखते हुए इनकी सफाई का काम अभिसरण मोड के अंतगर्त मनरेगा में करवाए जाने की हिदायत दी गई है। ग्रामीण विकास विभाग कठुआ के अनुसार उन्हें फिलहाल ऐसे कोई भी आदेश की जानकारी ही नहीं है।
हर साल जनवरी माह में नहरों का क्लोजर डिसिल्टिंग के लिए किया जाता है। जिसके बाद विभाग नहरों में सफाई के लिए टेंडर करवाता है और यह काम अप्रैल के पहले सप्ताह से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाता है। बैसाखी पर किसानों को खेतों के लिए पानी की सौगात दे दी जाती है।
जिले में छोटी-बड़ी दर्जनों नहरें हैं। कठुआ शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरने वाली नहर इनमें सबसे महत्वपूर्ण है, जिसकी लंबाई 17 किलोमीटर है और यह 8463 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई को सुनिश्चित करती है। इस नहर के साथ लगभग 48 किलोमीटर लंबा कूहलों का नेटवर्क भी जुड़ा है। वहीं जिले में अन्य 14 छोटी नहरों की सफाई का काम भी जारी है। विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया टेंडर आवंटन कर दिया गया है अगले एक दो दिन के भीतर नहरों की सफाई शुरू कर दी जाएगी।