हड़ताल के दौरान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी। संवाद
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कठुआ। वर्षों से लंबित मांगों को लेकर गत 24 फरवरी से शुरू हुई जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को बुधवार तक बढ़ा दिया है। सोमवार को आलजेएंडके पीएचई आईटीआई ट्रेंड, सीपी वर्कस एंड लैंड डोनर्स एसोसिएशन के बैनर तले अस्थायी कर्मचारियों ने विभाग के कठुआ स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष जोरदार नारेबाजी किया। इस दौरान कर्मचारियों ने ऐलान किया जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, उनका प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के जिला प्रधान शिव नारायण सिंह ने कहा कि विभाग में वर्षों से सेवा दे रहे अस्थायी कर्मचारी लगातार बकाया वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही नियमित करने और केंद्र शासित प्रदेश की तर्ज पर न्यूनतम मजूदरी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांग पर गौर नही कर रही है। जिसके कारण जम्मू कश्मीर में अपनी सेवाएं दे रहे 60 हजार अस्थायी कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। इन्हीं मांगों को लेकर शनिवार को अस्थायी कर्मचारियों ने विभाग के मुख्य अभियंता से मिलकर समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई। मांगे नहीं पूरी होने पर कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को बढ़ा दिया है। आवश्यक सेवा के दायरे में आने वाली जलापूर्ति को बनाए रखने के लिए विभाग उनकी सेवाएं तो लेता है, लेकिन इसके बदले में उन्हें देने के लिए सिर्फ आश्वासन के सिवा कुछ नही है। जिससे मजबूर होकर उन्होंने मांगे पूरी करने के लिए आवाज उठाई, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने नहीं जाग रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तक शांतिपूर्ण चल रही हड़ताल पर सरकार ने बुधवार तक कोई निर्णय नही लिया तो जम्मू कश्मीर के अस्थायी कर्मचारियों की यह लड़ाई आंदोलन का स्वरूप भी ले सकती है। प्रदर्शन में नरिंदर सिंह, राम गोपाल, धर्मपाल, राज कुमार, मोहम्मद साबिर, जितेंद्र शर्मा, रोमी शर्मा, सुरजीत सिंह, जगदीश सिंह, पूर्ण चंद, वीरेंद्र सिंह, बलबीर कुमार, बिट्टू कुमार आदि कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।