कठुआ। डीसी कठुआ राहुल यादव ने शुक्रवार को जिला सचिवालय में बैठक कर ई श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के संबंध में हितधारकों के साथ समीक्षा बैठक की। डीसी ने निर्माण मजदूरों, कृषि श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों, आशा वर्करों, आंगनबाड़ी वर्करों, मनरेगा वर्करों जैसे असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण की आवश्यकता पर विचार किया।
उन्होंने कहा कि सरकार की पहल का उद्देश्य उन असंगठित श्रमिकों को इसमें शामिल करना है, जिनकी आयु 16-59 वर्ष के बीच है और जो पीएफ, ईपीएफओ, एनपीएस, ईएसआईसी के सदस्य नहीं हैं। साथ ही न ही वे करदाता हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण असंगठित कामगारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ईश्रम पोर्टल में शामिल करना जरूरी हो गया है।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के संबंध में अब तक हासिल की गई प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में पंजीकरण की रफ्तार काफी धीमी है और लक्षित लाभार्थियों के सौ प्रतिशत कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए इसे बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए शिविर आयोजित करने और कई काउंटर खोलने का आह्वान किया, ताकि तेजी से पंजीकरण की सुविधा श्रमिकों को मिल सके।
एक सप्ताह में कार्य योजना तैयार करने का दिया निर्देश
डीसी ने कहा कि यह योजना सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू करके यूनिवर्सल बेसिक इनकम की अवधारणा का विस्तार करने की सरकार की मंशा को दर्शाती है। इसके तहत श्रमिकों को एक ई-श्रम कार्ड मिलेगा, जिसमें बारह अंकों का यूएएन नंबर होगा। डीसी ने एएलसी कठुआ को एक सप्ताह के भीतर हितधारकों को शामिल करके और उनके साथ संपर्क करके एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया। कहा कि अगली बैठक में इसकी समीक्षा की जाएगी।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लाभ
अधिकारियों ने बताया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण हैं। पोर्टल पर पंजीकरण मुफ्त है और लाभार्थियों को पीएमएसबीवाई के माध्यम से दुर्घटना बीमा कवरेज प्राप्त होगा। श्रमिकों को आकस्मिक मृत्यु और स्थायी विकलांगता के लिए 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। पोर्टल न केवल सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करेगा, बल्कि महामारी या आपदाओं के मामले में सभी पात्र असंगठित श्रमिकों की मदद करने के लिए सरकार की सहायता भी करेगा। यह प्रवासी श्रमिकों का ट्रैक रिकॉर्ड रखने में भी मदद करेगा और अधिक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।