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ऐतिहासिक रानी तालाब के जीर्णोद्धार का ब्लू प्रिंट तैयार

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रानी तालाब का ब्लू प्रिंट - फोटो : KATHUA
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बसोहली। सदियों पहले पाल वंश के राजाओं के शालीन इतिहास के समय बने रानी तालाब का आखिरकार जीर्णोद्धार होने जा रहा है। दो करोड़ की लागत से अर्बन लोकल बॉडीज विभाग की ओर से इस तालाब का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा, जिसके लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से बाकायदा कंसल्टेंसी भी निर्धारित कर ली है। गुड़गांव की एजेंसी इस तालाब की रूप रेखा पर काम को लगभग पूरा कर चुकी है। फरवरी माह में इसके लिए डीपीआर की प्रक्रिया को भी अंजाम देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। लगभग 200 वर्ग फुट में फैले इस ऐतिहासिक तालाब को विकसित करने के नगर कमेटी बसोहली की ओर से अहम भूमिका निभाई गई है। लोक निर्माण विभाग बसोहली के कार्यकारी अभियंता राजेश सुंबड़िया ने बताया कि अर्बन लोकल बॉडीज की योजना के तहत इस ऐतिहासिक पार्क को विकसित किए जाने की योजना है। जिसका मसौदा नगर कमेटी बसोहली की ओर से तैयार करवाया गया है। विचार विमर्श और सुझाव के बाद इसमें दी जाने वाली सुविधाएं शामिल की गई हैं। कंसल्टेंसी की ओर से बीओक्यू दिए जाने के साथ ही इसका टेंडर लगाए जाने की योजना है।
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नगर कमेटी के अध्यक्ष सुमेश सपोलिया ने बताया कि ऐतिहासिक धरोहर माने जाने वाली रानी तालाब जो कि एक समय में लोगों के लिए पानी का जल स्रोत रहा है इस तालाब को विकसित करने के लिए 2 करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेंडर आगामी 15 दिनों के भीतर लोक निर्माण विभाग की ओर से लगाए जाने हैं, जिसके लिए जरूरी दस्तावेज की कार्रवाई चल रही है। टेंडर लगने के बाद आगे का काम ठेकेदार को दिया जाएगा, जो ब्लूप्रिंट के मुताबिक तालाब को विकसित करने के लिए निर्माण कार्य शुरू करेगा।
इस ऐतिहासिक तालाब को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि यहां आने वाले पर्यटकों को भी लुभाया जा सकेगा। एक पर्यटन स्थल के रूप में भी इसे विकसित किया जाएगा। इस तालाब को विकसित करने के लिए करीब डेढ़ वर्ष पहले नगर कमेटी के सभी पार्षदों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष की ओर से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर बनाकर इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी गई थी। नगर कमेटी के उपाध्यक्ष अभिनव राजदान ने बताया कि बसोहली का गौरव यह ऐतिहासिक तालाब है, जिसका जीर्णोद्धार फिर से हो रहा है, जो ऐतिहासिक नगर बसोहली को एक अलग पहचान दिलाएगा।
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यह सुविधाएं करेंगी आकर्षित
अटल सेतु के जरिए बसोहली की विरासत और यहां विकसित हो रहे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए बसोहली का रानी तालाब भी एक आकर्षण स्थल बनने जा रहा है। यहां चिल्ड्रन प्ले जोन, ओपन जिम, प्लांटर, गजेवो, फव्वारे, डेक आदि की सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
अपनी पहचान से वंचित था तालाब
कस्बे के बीचोंबीच राजाओं के महल से सटे ऐतिहासिक तालाब की पहचान लंबे समय से संकट में रही है। वर्षों तक तालाब को घास और झाड़ियों ने घेरे रखा था तो वहीं रख रखाव के नाम पर हाल के वर्षों में इसे खाली कर कुछ बचाने का प्रयास किया, लेकिन यह भी नाकाफी साबित हो रहा था। हाल यह है कि लोग कभी पीने के लिए इस तालाब के पानी का इस्तेमाल करते थे तो वहीं अब यह पानी दूषित हो चुका है। इस तालाब का बसोहली के राजा ने महल निर्माण के साथ ही करवाया था। तब इस तालाब के पानी का इस्तेमाल महल में रहने वाले लोग पीने में करते थे। राजाओं का साम्राज्य समाप्त होने के साथ ही साथ इस इस तालाब के भी बुरे दिन आते गए। यदाकदा इसके संरक्षण के प्रयास किए गए, लेकिन वह अधूरे ही रहे।

बसोहली का ऐतिहासिक रानी तालाब, संवाद- फोटो : KATHUA

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