हीरानगर। ब्लॉक दिवस पर अधिकारियों के समक्ष रखी गई समस्याओं के समाधान न से अब इस कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी कम होती जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर समस्याओं का समाधान ही नहीं होना है, तो इस कार्यक्रम को बंद कर दिया जाए, ताकि यहां बैठने वाले अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठें और वहां लोगों के काम हो सकें।
बुधवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के रेस्ट हाउस में ब्लॉक दिवस का आयोजन किया गया। इसमें एसडीएम राकेश शर्मा विशेष तौर पर मौजूद रहे। उपमंडल के तहसीलदारों को छोड़कर अन्य सभी विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक सब अधिकारी बैठे रहे, लेकिन कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर नहीं पहुंचा। बाद में सभी अधिकारी यहां से चले गए। पिछले बुधवार भी यहां सिर्फ दो लोग ही अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे।
सरपंच विनय शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से शुरू किए गए बैक टू विलेज, ब्लॉक दिवस जैसे कार्यक्रम फ्लॉप शो साबित हुए हैं। शुरू शुरू में लोगों ने कई उम्मीदों के साथ इन कार्यक्रमों में जाकर अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखा। लेकिन किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों की वजह से अधिकारी कार्यालयों में उपस्थित नहीं हो पाते, जिसकी वजह से यहां आने वाले लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस तरह के कार्यक्रमों में सिर्फ समस्याएं सुनीं जाएंगी लेकिन कोई समाधान नहीं होगा तो इसका कोई फायदा नहीं है। बेहतर होगा इन्हें बंद कर दिया जाए, ताकि अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठकर लोगों के काम कर सकें।
एक ही शिकायत बार-बार नोट कराने के बाद भी नहीं होता समाधान
सरपंच सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि एक ही शिकायत को इस तरह के कार्यक्रमों में बार-बार नोट करवाने के बावजूद भी जब समाधान नहीं होता है, तो इसमें जाना छोड़ दिया। यही वजह है कि अब ऐसे कार्यक्रमों में सिर्फ अधिकारी मौजूद रहते हैं, समस्या सुनाने कोई नहीं जाता। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद भी इस तरह के कार्यक्रमों से परेशान हैं। कभी जनता दरबार, कभी ब्लॉक दिवस जैसे कार्यक्रम अधिकारियों को कार्यालय छोड़ कर यहां व्यस्त कर देते हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अगर लोग इन कार्यक्रमों में रुचि नहीं दिखा रहे हैं तो बेहतर यही होगा कि इन्हें बंद कर दिया जाना चाहिए।