हीरानगर। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो काम छोड़ हड़ताल शुरू करेंगे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने वर्ष 2018 के चार महीनों का बकाया वेतन देने की भी मांग की।
सुमनलता ने कहा जिन वर्कर्स के घर का खर्च पूरी तरह से इस मानदेय पर निर्भर है उनके लिए गुजारा करना बेहद मुश्किल हो रहा है। बढ़ती महंगाई के कारण रसोई और बच्चों के पढ़ाई लिखाई का खर्च कैसे चलाएं? उन्होंने कहा कोरोना काल के दौरान भी आशा वर्कर्स ने सरकार को सहयोग करते हुए लोगों को जागरूक करने का काम किया। लेकिन हमें इसका कोई लाभ नहीं दिया गया है। पांच हजार में गुजारा करना मुश्किल है, इसलिए सरकार अन्य राज्यों की तर्ज पर यहां भी बढ़ाने का काम करे। इसी दौरान उन्होंने 2018 के 4 महीनों का बकाया वेतन देने की भी मांग की
निर्मल गुप्ता ने कहा कि हमारे प्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कम है। हम भी उतना ही काम कर रहे हैं जितना अन्य राज्यों के कार्यकर्ता कर रहे हैं। उन्होंने कहा अनुच्छेद 370 हटाने के बाद राज्य केंद्र शासित प्रदेश में परिवर्तित होने पर उम्मीद थी कि अब यहां भी दिल्ली जितना मानदेय मिलेगा। लेकिन अफसोस की बात है कि हमारे मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा हमारी मांगे पूरी नहीं हुईं तो काम छोड़ हड़ताल करेंगे और सड़कों पर उतरेंगे। प्रर्दशन में जीवन ज्योति, नीरज बाला, कुसुम लता, रेखा रानी, रूपा रानी, तृप्ता देवी आदि शामिल रहीं।