शहर के वार्ड 7 स्थित परशुराम मंदिर में जारी श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बाल कृष्ण की झांकी का दर्शन ?
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कठुआ। भगवान परशुराम की जयंती पर होने वाली श्रीमद्भागवत कथा जारी है। शहर के वार्ड सात स्थित भगवान परशुराम मंदिर परिसर में जारी श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस मौके पर उपस्थित श्रद्धालु बालकृष्ण की मनमोहक झांकी को देखने के लिए व्याकुल दिखे। वही कथा व्यास द्वारा भगवान के जन्म की खुशी में प्रस्तुत किए जाने वाले भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु झूमते रहे।
रविवार को कथा व्यास पंडित मनोहर लाल शास्त्री ने श्रीमद्भागवत पुराण के दशम स्कंध में प्रवेश करने के साथ भगवान के जन्म की घोषणा की। हर ओर उत्साह और हर्ष का माहौल उत्पन्न हो गया। कथा स्थल पर जैसे ही कंस के कारागार से लेकर नंद बाबा के दरबार तक वासुदेव के आने की झांकी प्रस्तुत की गई। उपस्थित भक्त भगवान का दर्शन पाने के लिए लालायित हो उठे। भगवान की बाल रूप की झांकी देख श्रद्धालु अपनी सुधबुध खो बैठे और बाल गोपाल का जयघोष करते हुए उनका स्वागत किया। वहीं कथा व्यास द्वारा लुटाई जा रही मिठाइयों के महाप्रसाद को पाने के लिए हर भक्त लालायित दिखा।
इस मौके पर मनोहर लाल शास्त्री ने कहा कि मनुष्य भक्ति के माध्यम से ही परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। सभी प्राणियों पर परमात्मा का समभाव है। अगर प्राणियों में निष्ठा और विश्वास है तो वह अपने सत्कर्म के बल पर उन्हें स्थान पर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रहलाद की निष्ठा और भक्ति का ही परिणाम था कि हिरण्यकश्यप से उनकी रक्षा के लिए भगवान ने नरसिंह रूप में एक खंभे में अपना अवतार लिया। इससे हमें यह जान लेना चाहिए कि भगवान की कृपा तभी प्राप्त हो सकती है। जब हम पूर्ण रूप से उनके शरण में चले जाएं।
अंत में आरती और प्रसाद वितरण के बाद पांचवे दिन की कथा को विश्राम दिया गया। इस मौके पर ब्राह्मण सभा के प्रधान रजनी कांत शर्मा ने उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ भगवान परशुराम की जयंती की खुशी साझा करते हुए कहा कि पूरे ब्राह्मण समाज के लिए यह काफी खुशी का मौका है। कोरोना के कारण पिछले दो साल इस आयोजन को स्थगित रखना पड़ा था। इस बार हमें भगवान का जन्मोत्सव मनाने का मौका मिला है। लिहाजा इसमें ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर हमें उनका आशीष प्राप्त करना चाहिए।