जम्मू-कश्मीर में सरकारी मुलाजिमों को अब अपने दो मूल वेतन से अधिक मूल्य की संपत्ति का भी ब्योरा देना होगा। कर्मचारियों की संपत्ति में नकद राशि, बचत बैंक जमा, शेयर, नकद प्रमाणपत्र, फिक्सड जमा राशि, डिबेंचर, सिक्योरिटी बॉन्ड, आभूषण, घर में चलने वाले बिजली के उपकरण आदि भी शामिल होंगे। इसके अलावा कर्मचारी यदि दो मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति का अधिग्रहण करते हैं या फिर किसी दूसरे के नाम हस्तांतरण करते हैं तो इसकी जानकारी भी संबंधित अथॉरिटी को देनी होगी।
प्रदेश सरकार ने जम्मू-कश्मीर पब्लिक मेन एंड पब्लिक सर्वेंट्स डिक्लेरेशन आफ एसेट्स एंड अदर प्रोविजन एक्ट 1983 की धारा 16 व अन्य रूल्स 1998 में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी और परिवार की चल सहित अन्य संपत्ति का ब्योरा अनिवार्य रूप से देना होगा। इसमें कर्मचारी को 1 से 31 जनवरी के बीच पोर्टल पर जानकारी अपलोड करनी होगी। माना जा रहा है कि सरकार ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सख्ती के लिए नियमों में संशोधन किया है।