कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक और आरटीपीसीआर वालों को अनुमति होगी। इसी तरह से ये व्यवस्था मंदिरों में लागू रहेगी। इसके लिए पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया गया है जो रैंडम जांच करेंगी।
कोविड की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिरों में रैंडम कोविड जांच की जाएगी। दोनों कोविड खुराक लेने वाले और 48 घंटे के भीतर आरटीपीसीआर टेस्ट वालों को इजाजत दी जाएगी। इसके साथ भीड़ वाले क्षेत्र में 25 फीसदी क्षमता के साथ लोगों को मौजूद रहने की अनुमति होगी। इसमें मास्क अनिवार्य होने के साथ सामाजिक दूरी जरूरी होगी।
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इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रण करने के साथ कोविड उचित व्यवहार का कड़ाई से पालन करवाना है। हालांकि नवरात्र के दौरान अधिक भीड़ में कोविड एसओपी का पालन बड़ी चुनौती भी होगी। एडीसी (प्रशासन) सतीश गुप्ता ने कहा कि नवरात्र के दौरान कोविड एसओपी को सुनिश्चित बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
सार्वजनिक स्थलों पर गतिविधियों के लिए कोविड की दोनों खुराक लेने वाले लोगों को अनुमति दी जा रही है। इसी तरह से ये व्यवस्था मंदिरों में लागू रहेगी। इसके लिए पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया गया है जो रैंडम जांच करेंगी। मंदिरों की भीड़ में कोविड एसओपी को लेकर निगरानी की जाएगी।