जम्मू-कश्मीर में पंजीकृत होने वाले वाहन अब बिना एनओसी के किसी भी राज्य में जा सकेंगी। प्रदेश सरकार ने बीएच (भारत) सीरीज की पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस सीरीज में वाहन का पंजीकरण करवाने के लिए डीलर प्वाइंट पर आवेदन करना पड़ेगा, जिसके बाद आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में आवेदन की जांच कर नंबर जारी किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर नंबर के मुकाबले भारत सीरीज में पंजीकरण करवाना महंगा होगा।
जेके नंबर के वाहनों का पंजीकरण 15 वर्षों के लिए होता है, जबकि भारत सीरीज में पंजीकरण दो वर्ष के लिए होगा और नौ फीसदी पंजीकरण शुल्क देना होगा। प्रदेश के विभिन्न वाहनों डीलर पर भारत सीरीज में पंजीकरण के लिए आवेदन हो रहे हैं। बीएच सीरीज में पंजीकरण का सबसे बड़ा लाभ ट्रांसफरेबल जॉब वाले लोगों को होगा, जो एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते रहते हैं। अब इन लोगों को हर बार दूसरे राज्य में जाने पर अपने वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र को स्थानांतरित नहीं करना पड़ेगा।
भारत सीरीज नंबर लेने का तरीका
बीएच सीरीज का नंबर डीलर प्वाइंट से मिलेगा। इसके लिए डीलर प्वाइंट पर गाड़ी खरीदने से पहले आवेदन करना होगा। इस आवेदन को डीलर के पास से आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय भेजा जाएगा, जिसके बाद अनुमति मिलने के बाद नंबर जारी किया जाएगा।
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बीएच सीरीज में पंजीकरण करवाने की व्यवस्था शुरू हो गई है। वाहन मालिक डीलर प्वाइंट पर इस सीरीज के नंबर लेने के लिए आवेदन कर सकता। आवेदन की जांच आरटीओ और एसआरटीओ कार्यालयों में होगी।
- धनंतर सिंह, आरटीओ जम्मू