कोरोना की दूसरी लहर में डीसी इंदू कंवल चिब सड़कों पर उतरीं और लोगों को जागरूक किया।एसएसपी सरगुन शुक्ला ने नशा तस्करी के खिलाफ अभियान छेड़ा, कई तस्करों को पकड़ा। डीसी और एसएसपी बोलीं - अवसरों की कमी नहीं, अब बस कदम बढ़ाने की जरूरत।
उधमपुर जिले में जिला प्रशासन और जिला पुलिस की कमान महिला अफसरों के हाथ में है। जिला उपायुक्त इंदु कंवल चिब और एसएसपी सरगुन शुक्ला महिला सशक्तीकरण की नजीर बनी हुई हैं। जिला स्तर पर प्रशासन और पुलिस के कामकाज को दोनों ही अफसर बेहद पेशेवर और जनता के लिए प्रेरक अंदाज में अंजाम दे रही हैं। यह अफसर कहती हैं कि अब समय बदल चुका है। महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए किसी सहारे की जरूरत नहीं।
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सरकार ने इतनी योजनाएं बनाई हैं, जिसका लाभ उठाकर महिलाएं अपनी प्रतिभा को किसी भी मंच पर साबित कर सकती हैं। करीब एक वर्ष से इंदु कंवल चिब उपायुक्त के रूप में काम कर रही हैं। कोरोना की दूसरी लहर में जब उधमपुर में मामले बढ़ने लगे तो उन्होंने खुद सड़कों पर कमान संभाली। लोगों को कोरोना नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। एक समय ऐसा आया जब जिले में हर रोज सौ से अधिक मामले सामने आने लगे। लेकिन, उन्होंने प्रशासन के साथ कंटेनमेंट जोन में जाकर खुद लोगों की मदद की। नतीजा ये हुआ कि हॉटस्पॉट बना उधमपुर कुछ सप्ताह में ही कोरोना पर नियंत्रण हासिल करने की स्थिति में पहुंच गया।
मौजूदा समय में उधमपुर में न के बराबर मामले बचे हैं। वहीं, एसएसपी सरगुन शुक्ला ने करीब डेढ़ वर्ष से उधमपुर की कमान संभाल रखी है। उनके नेतृत्व में पुलिस ने नशा तस्करी करने वालों पर नकेल कसी। कई बड़े तस्करों को पकड़ा। मवेशियों की तस्करी करने वालों से भी सख्ती से निपटा जा रहा है। उन्होंने चोरी के कई मामलों को भी सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। हाल ही में जिले के बसंतगढ़ पुलिस स्टेशन को देश के 10 सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशनों की सूची में स्थान मिला है।
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महिलाओं को खुद जागरूक होना होगा
कामयाबी के लिए सबसे पहले शिक्षा जरूरी है। महिलाओं को अपने अधिकार और जिम्मेदारी की जानकारी होनी चाहिए। सरकार की कई योजनाएं हैं, जो महिला वर्ग के लिए संबल से कम नहीं। महिलाएं व लड़कियां जब तक अपने आप को जागरूक नहीं करेंगी, तब तक वह आगे नहीं बढ़ सकतीं। इसमें दूसरा भी कोई मदद नहीं कर सकता। पुलिस सहित कई सरकारी विभाग इसी प्रयास में लगे हैं कि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलें। डीआईजी सहित कई अधिकारी जनसंपर्क से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मेहनत कर आगे बढ़ने में मुश्किल नहीं होती। महिलाओं को सरकारी योजनाओं के साथ, बुनियादी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। मेरे माता पिता के सहयोग से आगे बढ़ने में मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। -सरगुन शुक्ला, एसएसपी
मेहनत, सीखने की ललक दिलाती है कामयाबी
कामयाबी मेहनत और सीखने की ललक से मिलती है। इसमें लिंगभेद की गुंजाइश नहीं है। यक कहना कि लड़कियों को मौका नहीं मिलता, सही नहीं है। मैं कहूंगी कि लड़कियों को खुद आगे आकर दोगुनी मेहनत करनी है। सरकार ने इतनी योजनाएं तैयार कर दी हैं कि लड़कियों को अब कुछ कदम चलना भर है। सबसे पहले आलस छोड़ना होगा। समय का सदुपयोग बड़ा मंत्र है। मैं रात को सोने से पहले किताब पढ़ती हूं। सफर करते समय भी किताब पढ़ती हूं। आप अगर मोबाइल देख रही हैं तो उसमें ज्ञान बढ़ाने वाली चीजों को ही देखें। चाहे व ज्ञान बढ़ाने वाले वीडियो ही क्या न हों। प्रदेश सरकार ने तेजस्विनी योजना चलाई है। कई तरह की छात्रवृत्ति योजनाएं हैं। 2021 में सरकार ने लड़कियों और महिलाओं के लिए विकास के दरवाजे खोल दिए हैं। - इंदु कंवल चिब, उपायुक्त