फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu Kashmir: शाह फैसल ने प्रशासनिक सेवा में लौटने के दिए संकेत, बोले- सब फिर से शुरू करने के लिए उत्साहित हूं

Thu, 28 Apr 2022 03:37 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने प्रशासनिक सेवा में आने के संकेत दिए हैं। वह देश में बढ़ती कथित 'असहिष्णुता' को लेकर जनवरी 2019 में सरकारी नौकरी छोड़ दी थी और राजनीति के मैदान में आ गए थे। 
विज्ञापन
Shah Faesal
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने राजनीति छोड़ फिर से प्रशासनिक सेवा में आने के संकेत दिए हैं। बुधवार को तीन ट्वीट्स में फैसल ने अपनी उन आदर्शवादी बातों का भी जिक्र किया है, जिनके कारण वे सियासत में आए थे।  उन्होंने देश में बढ़ती कथित 'असहिष्णुता' को लेकर जनवरी 2019 में सरकारी नौकरी छोड़ दी थी। 

विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर के पहले यूपीएससी टॉपर रहे शाह फैसल ने ट्वीट में लिखा, 'मेरे जीवन के आठ महीनों (जनवरी 2019-अगस्त 2019) में एक कल्पना का पीछा करते हुए मैंने लगभग वह सब कुछ खो दिया, जो मैंने वर्षों में बनाया था। काम, दोस्त, प्रतिष्ठा और सबकी सद्भावना खो दी, लेकिन मैंने उम्मीद नहीं खोई। मेरे आदर्शवाद ने मुझे निराश किया, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा है कि मैं अपने द्वारा की गई गलतियों को दुरुस्त करूंगा। जीवन में मुझे एक और मौका मिलेगा। उन आठ माहों की यादों का एक हिस्सा मिट चुका है और मैं उस विरासत को पूरी तरह मिटाना चाहता हूं। इसका बहुत कुछ हिस्सा पहले ही खत्म हो गया है। मैं सब कुछ फिर से शुरू करने के लिए उत्साहित हूं।'

शाह फैसल ने 2009 में यूपीएससी की परीक्षा में टॉप किया था। उन्होंने देश में बढ़ती कथित 'असहिष्णुता' को लेकर जनवरी 2019 में सरकारी नौकरी छोड़ दी थी और राजनीति के मैदान में आ गए थे। मार्च 2019 में शाह फैजल ने अपनी खुद की पार्टी 'जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट' बनाई थी। फैसल ने उस वक्त अपने गृह राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने की भी मंशा जताई थी। 
विज्ञापन


अपने ट्वीट में फैसल ने यह खुलासा नहीं किया है कि वह आगे क्या करने वाले हैं और उन्हें कौन-सा व कहां मौका मिलने वाला है, लेकिन बीते एक साल से उन्हें लेकर अटकलें चल रही हैं। माना जा रहा है कि वे या तो आईएएस सेवा में बहाल होंगे या उन्हें जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल का सलाहकार बनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें