श्रीनगर में हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए चार लोगों में से एक आमिर माग्रे के पिता ने बुधवार को एसआईटी की जांच को खारिज कर दिया। जिसमें कहा गया था कि उसका बेटा आतंकी था। साथ ही उन्होंने कहा कि वह आमिर का शव हासिल करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वह अपनी वकील के माध्यम से याचिका दाखिल कर रहे हैं।
हैदरपोरा मुठभेड़ की जांच कर रहे जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कहा था कि छिपे हुए विदेशी आतंकवादी द्वारा मानव ढाल बनाए जाने के बाद इमारत के मालिक और एक स्थानीय आतंकी आमिर माग्रे की क्रास फायरिंग में मौत हो गई थी। जबकि डॉ. मुदासिर गुल को विदेशी आंतकी ने गोली मार दी थी।
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माग्रे के पिता मोहम्मद लतीफ जिन्हें 2007 में लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को मारने के लिए राज्य पुरस्कार मिला है और उनके साथ आतंकियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने के कई उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मैं पुलिस जांच को पूरी तरह से खारिज करता हूं क्योंकि मेरा बेटा कभी भी आतंकवादी या उनका समर्थक नहीं हो सकता है। वह अपनी वकील दीपिका सिंह राजावत के माध्यम से वीरवार को याचिका दाखिल करेंगे।