अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बाद कश्मीर घाटी के ज्यादातर हिस्सों में लोगों के एकत्रित होने पर लगाई गई पाबंदी तीसरे दिन शनिवार को जारी रही। वहीं दो दिन बाद शुक्रवार की रात शुरू इंटरनेट सेवाएं शनिवार सुबह फि र बंद कर दी गईं। बनिहाल से बारामुला के बीच ट्रेन सेवा भी ठप है। इस बीच तीसरे दिन जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बहाल करने के साथ ही रास्ते में फंसे छोटे वाहनों को छोड़ा गया। इससे कई जगह जाम की स्थिति रही।
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गिलानी के निधन के बाद घाटी में एहतियात के तौर पर वीरवार को पाबंदियां लगायी गईं। घाटी के ज्यादातर हिस्सों में लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदियां लगी हुई हैं लेकिन कु छ हिस्सों में लोगों की आवाजाही में ढील दी गई है। श्रीनगर के पुराने इलाके और हैदरपोरा में पाबंदियां जारी हैं। हैदरपोरा में गिलानी के घर की ओर जाने वाले रास्ते सील हैं। लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए अवरोधक लगाए गए हैं। कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बड़ी तादाद में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।
हिंसा की आशंका में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर वाहनों का आवागमन भी बंद कर दिया गया था। बनिहाल से आगे किसी भी वाहन को जाने नहीं दिया गया। इससे दोनों ओर एक हजार से अधिक वाहन फंस गए थे। प्रशासन ने शनिवार को यातायात बहाल करने के साथ ही तीन दिन से फंसे वाहनों को निकाला। उधमपुर के जखैनी व चिनैनी समेत रामबन जिले में विभिन्न स्थानों पर ट्रक व अन्य बड़े वाहन रोके गए थे।