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जम्मू-कश्मीर: अरुणाचल में हिमस्खलन से क्षेत्र के तीन सैन्य जवानों समेत सात शहीद

Wed, 09 Feb 2022 12:00 AM IST
अनुराग सक्सेना ब्यूरो/एजेंसी जम्मू/नई दिल्ली

सार

शहीदों में कठुआ जिले के जंडोर निवासी अरुण, जम्मू के खौड़ के चक मलाल निवासी विशाल शर्मा और डोरी डगेर के रहने वाले युगल किशोर शर्मा शामिल हैं। मंगलवार तक परिवार के सदस्यों को शहादत की सूचना नहीं मिली थी। वे उनकी सलामती की दुआएं कर रहे थे।
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हिमस्खलन । - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर में हिमस्खलन में दबकर जम्मू-कश्मीर के तीन जवानों समेत सेना के सात जांबाज शहीद हो गए। रविवार को तवांग जिला मुख्यालय से करीब सौ किलोमीटर दूर कामेंग क्षेत्र में यांगसे के शुमे ग्यातर में 19 जैक राइफल्स का सैन्य दल पेट्रोलिंग पर था। हिमस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया लेकिन बर्फ में दबे जवानों की जान नहीं बचाई जा सकी।

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शहीदों में कठुआ जिले के जंडोर निवासी अरुण, जम्मू के खौड़ के चक मलाल निवासी विशाल शर्मा और डोरी डगेर के रहने वाले युगल किशोर शर्मा शामिल हैं। मंगलवार तक परिवार के सदस्यों को शहादत की सूचना नहीं मिली थी। वे उनकी सलामती की दुआएं कर रहे थे। सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यांग्से के शुमे ग्यातर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से भारी बर्फबारी हुई है। तमाम चुनौतियों के बीच पेट्रोलिंग कर रहा सैन्य दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही हवाई जहाज से रेस्क्यू दल भेजा गया। कड़ी मशक्कत कर बर्फ हटाई गई, लेकिन जवानों की जान नहीं बचाई जा सकी।

पार्थिव शरीर घर भेजे जाने की तैयारी

सभी जवानों के शव हिमस्खलन वाली जगह से बरामद किए गए हैं। चीन की सीमा से सटे होने के कारण सेना के जवान यहां लगातार पेट्रोलिंग करते हैं। फिलहाल शहीद जवानों के पार्थिव शरीरों को उनके घर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। 

भाई बोला - कैसे बताऊं जुगल शहीद हो गया, मां ने रखवाई है पूजा

अरुणाचल में शहीद हुए जवानों के परिवार मंगलवार देर शाम तक अपनों की सलामती की दुआ मांग रहे थे। तहसील खड़ाहबली के गांव डोरी डगेर के जवान सिपाही युगल किशोर शर्मा के बडे़ भाई पूर्व सरपंच गौतम शर्मा ने बताया कि अभी तक माता-पिता और जुगल की पत्नी को नहीं बताया गया है।

गौतम ने कहा कि मुझे शहादत की सूचना मिली है। मैं घर से बाहर ही हूं। घर पर क्या और कैसे बताऊं। माता-पिता, जुगल की पत्नी और उसकी नन्हीं बेटी को यह खबर नहीं दे सकता, जिन्होंने आज घर में जुगल की सलामती से पहुंचने के लिए पंडित बैठा कर पूजा रखी है। वहीं, दूसरे जवान सिपाही विशाल शर्मा के चाचा ने बताया कि विशाल की माता को अभी तक नहीं बताया गया है। विशाल के चाचा घर के गेट पर खड़े थे, सभी को घर में नहीं आने के लिए मना कर रहे थे कि विशाल की माता को कहीं पता न चल जाए कि उसका बेटा शहीद हो चुका है।
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अक्तूबर को हुई शादी, गर्मियों में लौटने का किया था वादा

कठुआ में जंडोर गांव के रहने वाले अरुण काटल की सलामती के लिए परिवार के सदस्य मंगलवार को भी दुआएं करते रहे। अरुण की मां, पत्नी और परिवार के सदस्य यह मानने को तैयार नहीं हैं कि अरुण अब उनके बीच नहीं है। हालांकि गांव में शहादत की सूचना पहुंचने के बाद से मातम पसरा रहा।

अरुण की शादी अक्तूबर में हुई थी। पत्नी और मां को अरुण मार्च या अप्रैल महीने में लौटने का वादा करके गया था। इसी आस में शाम तक अरुण के परिजन उसके सकुशल लौटने की दुआएं करते रहे। अरुण की माता सरकार से यही अपील करती रहीं कि जो भी बच्चे लापता हुए हैं उन्हें तलाश कर लाया जाए। गांव के सरपंच प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से उन्हें अरुण की शहादत के संबंध में जानकारी दी गई है, लेकिन परिवार के सदस्य पहले ही बेसुध हैं। ऐसे में जब तक संभव हो सकेगा, यह खबर उन्हें नहीं बताई जाएगी। उन्होंने बताया कि अरुण के पिता भी सेना से सेवानिवृत्त हैं।

अरुणाचल प्रदेश में हिमस्खलन में शहीद हुए जवानों में कठुआ के लखनपुर थानाक्षेत्र के अधीन जंडोर गांव के अरुण भी शामिल हैं। संबंधित थाना प्रभारी को यह जानकारी परिवार के साथ साझा करने के लिए कहा गया है।
- रोमेश चंद्र कोतवाल, एसएसपी कठुआ
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