जम्मू संभाग में राजस्व गिरदावरी में खेती के अधिकार और मिट्टी की किस्म में कोई बदलाव की अनुमति नहीं दी गई हैं। केवल तय प्रक्रियाओं को पूरा करके ही ऐसा किया जा सकता है। मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर की तरफ से इस बारे में सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि कोई भी पटवारी सरकारी भूमि या निजी भूमि की वर्तमान या पुरानी गिरदावरी की प्रविष्टियों में बदलाव नहीं कर सकता।
इस तरह के सभी बदलाव रोजनामचा वाकियाती में अलग से जोड़े जाते हैं। सिर्फ तहसीलदार मौके पर जांच करने के बाद ही इस बारे में जरूरी आदेश दे सकता है। तहसीलदारों से कहा गया हैं कि वह ऐसे पटवारियों या गिरदावरों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने बिना कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए तीसरी पार्टी के हितों के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया है।
उल्लेखनीय है कि मंडलायुक्त को कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ही फसल काटने के निरीक्षण के दौरान गिरदावरी रजिस्टर में प्रविष्टियों और मिट्टी की किस्म में बदलाव होने की शिकायतें मिल रही थी।
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जम्मू संभाग में 58 गिरदावरों के तबादले
मंडलायुक्त डॉ राघव लंगर ने जम्मू संभाग में राजस्व विभाग के 58 गिरदावरों के तबादले कर उन्हें अगली नियुक्ति के लिए संबंधित जिला उपायुक्तों के पास रिपोर्ट करने के लिए कहा है। जम्मू जिले में सात गिरदावरों का तबादला किया गया है। इनमें किकर सिंह, सुदेश कुमार, अजपाल सिंह, कृष्ण सिंह, राजिंद्र कुमार, मुल्ख राज और सुरेंद्र सिंह शामिल है।
राजोरी में छह, किश्तवाड़ जिले में छह, रियासी जिले में तीन, डोडा जिले में सात गिरदावरों का तबादला किया गया हैं। पुंछ जिले में पांच गिरदावरों का तबादला हुआ है।उधमपुर जिले में सात, सांबा जिले में तीन, कठुआ जिले में पांच गिरदावरों बदला गया है।