प्रदेश में बार खुलने में अभी वक्त लग सकता है। बार मालिकों को 20 विभागों से एनओसी लेकर औपचारिकताएं पूरी करनी हैं, जो जल्द पूरी होती नजर नहीं आ रहीं। इससे संभव है कि शहर में कई बार बंद हो जाएं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बार के लिए पार्किंग बहुत जरूरी है, लेकिन कई बार के पास पार्किंग नहीं है। ऐसे बार को नगर निगम से अनुमति मिलना संभव नहीं है और यह बंद हो सकते हैं।
जम्मू शहर में कई ऐसे बार हैं, जो सड़क किनारे हैं। इनके पास पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि बार मालिक पार्किंग लेकर नई लोकेशन पर बार खोलते हैं, तो भी इसमें वक्त लग सकता है। अन्य औपचारिकताएं भी जल्द पूरी होती नजर नहीं आ रहीं। अभी जिला उपायुक्त कार्यालय से सिर्फ 45 बार मालिकों ने ही एनओसी ली हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोग बाकी हैं। एडीसी राकेश दुबे का कहना है कि जिला उपायुक्त कार्यालय में 45 लोगों ने एनओसी के लिए आवेदन किया था, जिनको क्लीयर कर दिया गया है। बाकी की कार्रवाई आबकारी विभाग से होनी है।
उधर, आबकारी विभाग के पास अब तक 18 बार मालिकों ने अपनी फाइलों को पूरा करके दिया है। इन्हें कहा गया है कि वह लोग हलफनामा दायर कर बताएं कि विभाग के पास इनका कोई बकाया नहीं है। विभाग ने अपने एक आदेश में भी इसकी जानकारी दी है कि 32 लोगों ने लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए फाइलें दी हैं। लेकिन विभाग के आयुक्त का कहना है कि अभी कोई फाइल नहीं आई है।
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आबकारी विभाग के आयुक्त राहुल शर्मा का कहना है कि अभी तक हमारे पास किसी बार मालिक की पूरी एनओसी वाली फाइलें नहीं आई है। उधर, बार एसोसिएशन के प्रधान प्रह्लाद सिंह का कहना है कि उनकी तमाम औपचारिकताओं वाली फाइलें विभाग के पास पड़ी हैं। विभाग और बार मालिकों के बीच फंसे पेंच में कहीं पर यह साफ नहीं हो रहा है कि आखिर बार के लाइसेंस रिन्यू होने में पेंच कहां पर फंसा है।