हालत देखकर डॉक्टरों ने कर दिया जीएमसी के लिए रेफर
विस्फोट की आवाज सुनकर क्षेत्र में तैनात सेना के जवान और कुछ ग्रामीण पहुंचे तो उन्होंने बालक को घायल पड़े देखा और उसे सैन्य शिविर में लाए। मरहम पट्टी के बाद उसे राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे जीएमसी रेफर कर दिया गया।
इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुश्ताक हुसैन ने बताया कि हमारे अस्पताल में 15 वर्षिय बालक को लाया गया, जो बारूदी सुरंग की चपेट में आने से घायल हुआ था। उसका एक पैर ध्वस्त हो गया है। हड्डी के डॉक्टर और सर्जन ने उसका प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उसे जीएमसी भेज दिया गया।