एंटी करप्शन ब्यूरो (सांकेतिक तस्वीर)
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जलशक्ति विभाग में सरकारी योजनाओं में धांधली की शिकायतों पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने मंगलवार को जम्मू संभाग के कई जगहों पर औचक छापा मारा। सूत्रों का कहना है कि दो तरह की मुख्य रूप से शिकायतें एसीबी के पास पहुंची हैं। इसको लेकर यह कार्रवाई की गई है। एक तो विभाग में कई कार्य सब स्टैंडर्ड रूप से किए गए हैं। दूसरा बहुत से काम ऐसे किए गए, जिनको पहले ही पूरा कर दिया गया और बाद में इनका टेंडर निकाला गया।
मंगलवार को एसीबी की अलग-अलग टीमों ने जम्मू संभाग के कुल 11 जगहों पर विभाग के कार्यालयों पर पहुंचकर औचक जांच की और रिकॉर्ड जब्त कर लिया। एसीबी ने फिलहाल इसे रूटीन जांच बताया है। निदेशक आनंद जैन का कहना है कि अलग-अलग शिकायतें हैं। चेकिंग की गई है और रिकॉर्ड जब्त किया गया है। अभी मामले की जांच करने पर पता चलेगा कि कितनी और कहां-कहां धांधली हुई है। जम्मू के शास्त्री नगर स्थित जलशक्ति के डिवीजन-2 और जिला मुख्यालय में चेकिंग की गई है।
इसके अलावा राजोरी, पुंछ, रामबन, सांबा, कठुआ, उधमपुर, रियासी, डोडा, किश्तवाड़ के जलशक्ति मुख्यालयों में जांच की गई है। टीमों ने सभी जगहों से पिछले तीन साल में हुए सब स्टैंडर्ड कार्यों और बिना टेंडर के होने वाले कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड को जब्त कर लिया है। अब इस रिकार्ड की स्क्रूटनी होगी। सूत्रों की मानें तो बहुत से कार्य ऐसे हुए हैं, जिनमें धांधली हुई है और बहुत से कार्य ऐसे हैं, जिनके काम पहले ही कर लिए गए और बाद में इनका टेंडर निकाला गया। एसीबी के अधिकारी फिलहाल इस पर कोई खुलकर जानकारी नहीं दे रहे।
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कार्यालय में एसीबी का छापा
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को कठुआ के जलशक्ति कार्यालय में दबिश दी। टीम में दो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। एसीबी ने दो वर्ष पहले से लंबित परियोजनाओं के मामले में जांच की। टीम के पहुंचने से अफरातफरी की माहौल रहा। टीम के सदस्य दोपहर 12 बजे के लगभग जलशक्ति विभाग के कार्यालय पहुंचे। देर शाम तक जांच दल दस्तावेज खंगालने में जुटा रहा। इसमें टेंडरों की जांच की जा रही है।