चीन की घुसपैठ नई नहीं है। वह इंच दर इंच भारतीय सीमा में घुस रहा है लेकिन भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जाती है। अगर ऐसा ही रहा तो इसके परिणाम घातक होंगे।
यह कहना है पूर्व विधायक, पूर्व सीईसी और जिला लेह के भाजपा अध्यक्ष छेरिंग दोरजे का, जो मंगलवार को पत्रकारों के साथ बात कर रहे थे।
दोरजे का तर्क है कि चीन बार-बार हमारे इलाके में घुसपैठ कर रहा है। पिछले साल भी चुमुर में घुसपैठ हुई थी।
इस घटना पर स्थानीय लोगों का कहना था कि चीनी सैनिक दो चॉपरों में आए और हमारे 17 बंकर नष्ट करके चले गए लेकिन हमारी तरफ से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई। इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है।
छेरिंग ने सकाकजुन चरागाह की मिसाल देते हुए कहा, उक्त चरागाह में सर्दियों में हमारे लोग शताब्दियों से जाते रहे हैं लेकिन दिसंबर 2008 में चीनी सेना की तरफ से हमारे लोगों को तंग करना शुरू कर दिया। जब हमने हटने से इंकार किया तो हमारे टेंट जला दिए गए।
इस पर भी हमारी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं रही। हद तो यह है कि हमें ही अपनी चरागाहों में हमारे सुरक्षा बलों की तरफ से जाने नहीं दिया जाता है। जब भी हमारे लोगों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया की गई, उस समय चीन खामोश रहा।
कुछ समय पहले नूमा ब्लॉक में स्थानीय एसएचओ ने अपने साथ नफरी को लेकर वहां चरागाह में घुस आए चीनी लोगों को वापस भेज दिया। हालांकि उस समय चीन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई।
उनका तर्क था कि एक तो हमारे राजनीतिक नेतृत्व की कमी इसके लिए जिम्मेवार है। इसके अलावा उक्त इलाके में मूलभूत सुविधाएं शून्य हैं। चीन के मुकाबले हम कहीं पर भी नहीं ठहरते हैं। लोगों को सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार दिया जाए।