लाल फाम कीमा के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) रहे सुखमिंदर ने एक भावुक पोस्ट के जरिये उनकी वीरता को याद किया है, जब कीमा ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक आतंकी पर पूरी मशीनगन खाली कर दी थी और अपने दर्जनभर साथियों को बचा लिया था।
जम्मू में बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में बलिदान हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हेड कांस्टेबल लाल फाम कीमा को बृहस्पतिवार को अंतिम विदाई दी गई।
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लाल फाम कीमा के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) रहे सुखमिंदर ने एक भावुक पोस्ट के जरिये उनकी वीरता को याद किया है, जब कीमा ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक आतंकी पर पूरी मशीनगन खाली कर दी थी और अपने दर्जनभर साथियों को बचा लिया था। सुखमिंदर ने लिखा, वह एक निडर सैनिक थे, उन्होंने 1998 की सर्दियों में जम्मू-कश्मीर में एक अभियान के दौरान गूल गांव में मिट्टी के घर के अंदर छिपे एक आतंकी को मार गिराने के लिए लाइट मशीन गन खाली कर दी थी। आइजोल के रहने वाले कीमा 1996 में सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे और इस समय बीएसएफ की 148वीं बटालियन में तैनात थे।
आतंकी को ग्रेनेड से पिन निकालते देख लिया था
पूर्व सीओ ने लिखा, गोलीबारी करने वाले कोई और नहीं, बल्कि लाल फाम कीमा ही थे। दरअसल, उन्होंने आखिरी सांसें ले रहे एक आतंकी को ग्रेनेड से पिन हटाते हुए देख लिया था। घर में धमाके के बाद जब बाकी जवान अंदर घुसकर तलाशी में लगे हुए थे, तब कीमा हमेशा की तरह सतर्क रहते हुए सभी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। अपनी सतर्कता के कारण ही उन्होंने ग्रेनेड से पिन निकालते हुए आतंकी को देख लिया था।