बारामुला जिले के वानीगाम बाला में हुई मुठभेड़ में सेना ने अपना ‘असॉल्ट डॉग एक्सेल’ खो दिया। सेना का यह असॉल्ट डॉग ऑपरेशन के दौरान रूम इंटरवेंशन के लिए अंदर दाखिल हो रहा था, लेकिन आतंकियों ने इसे अपनी गोलियों का निशाना बना डाला। सेना के अधिकारियों व जवानों ने एक्सेल की इस बहादुरी को सलाम किया है।
शनिवार को जब जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने वानीगाम में मकान में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया तो इसमें डॉग स्क्वॉड को भी शामिल किया गया। जानकारी के अनुसार एक्सेल की पीठ पर एक कैमरा लगाया गया, ताकि उसके द्वारा की जाने वाली रूम इंटरवेंशन के दौरान आतंकवादियों की सही जानकारी सेना तक पहुंच सके और वह आसानी से ऑपरेशन को अंजाम दे सकें।
जैसे ही खोजी कुत्ता मुठभेड़ स्थल पर मकान में दाखिल होने लगता तो आतंकियों ने इस पर फायरिंग कर दी। तीन गोलियां लगने से उसकी जान चली गई। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि असाल्ट डॉग को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वह संदिग्ध को दबोच सके। अगर यह नहीं मरता तो आतंकवादी की पहचान पहले ही पता चल जाती। एक अन्य जवान ने कहा कि डॉग और ट्रेनर का एक अलग ही बांड होता है और वह ऑपरेशन के दौरान अहम भूमिका निभाते हैं।