आसाराम पर जम्मू आश्रम में हत्या का आरोप लगाने वाला जगदीश भोला तस्करी और हत्या के मामलों में पहले ही पुलिस हिरासत में है।
अब वो और उसके साथी मनिंदर औलख उर्फ बिट्टू के मोबाइल सिम कई राजनेताओं और वीवीआईपीज के गोरखधंधों को सामने ला सकते हैं।
पुलिस को जगदीश भोला से पांच और बिट्टू औलख की निशानदेही पर दो सिम कार्ड मिले हैं। इनमें कई राजनेताओं और वीवीआईपीज के नंबर हैं।
पुलिस अब पता लगाने में जुटी है कि भोला और बिट्टू की राजनेताओं और वीवीआईपीज से किस संबंध में बात होती थी।
पुलिस को उम्मीद है कि बरामद सिम काड्र्स की मदद से वह राजनेताओं और वीवीआईपीज की मिलीभगत की सच्चाई सामने ला सकती है। भोला और औलख की छह महीने की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
दोनों लाहौर के कुछ नंबरों पर कॉल करते थे। इसके अलावा अजनाला से विधायक अमरपाल सिंह बोनी और उनके नजदीकियों से भी हेरोइन तस्करों के संपर्क की जानकारी मिली है।
चुप्पी साधी
हेरोइन तस्करों से संपर्क की बात सामने आने के बाद से सांसद रतन सिंह अजनाला और उनके विधायक बेटे अमरपाल सिंह बोनी ने चुप्पी साध ली है।
दूसरी तरफ पिता-पुत्र के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि तस्करी का पैसा चुनाव में इस्तेमाल किया गया।