आतंकवादग्रस्त जम्मू कश्मीर में नरेंद्र मोदी की रैली पर आतंकी साया बना हुआ है। आतंकी रैली में खलल डालने की साजिशें रच रहे हैं। बिहार में असफलता से बौखलाए आतंकी अब जम्मू कश्मीर रैली के दौरान एक बड़ी वारदात करने की फिराक में हैं।
सुरक्षा बलों ने भी घुसपैठ के हाल ही में हुए प्रयास, सांबा और हीरानगर में आतंकी हमले के बाद अब नया टारगेट फिक्स कर लिया है। एक दिसंबर को जम्मू के मौलाना आजाद स्टेडियम में रैली के दौरान काफी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। मोदी की राज्य में यह पहली रैली है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार आतंकी फिदायीन दस्ते का भी इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं। जम्मू के अलावा अन्य राज्यों से भी मोदी की रैली में आतंकी वारदात करके आम जनता को निशाना बना सकते हैं।
सुरक्षा बलों ने भी मोदी की प्रस्तावित रैली को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। रैली स्थल मौलाना आजाद स्टेडियम को दस दिन के लिए सीज कर दिया गया है।
कोई भी खेल गतिविधि नहीं हो रही है। जम्मू में आतंकी स्लीपर सेल की संभावनाएं भी प्रबल हुई हैं, जिसके कारण किराएदारों की सूची तैयार करने और उनका ब्योरा पुलिस में जमा कराने के भी आदेश दिए गए हैं, ताकि किराएदारों की आड़ में कोई आतंकी या उसका समर्थक शहर में नहीं छिपे।
इसकी सूचना तुरंत पुलिस को मिल सके। स्टेडियम के आसपास भी सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। कई पुलिस कर्मी भी सादा वर्दी में तैनात कर दिए हैं।
आसपास क्षेत्र को खंगाला जा रहा है और खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है, जबकि सेना औरर अर्धसैनिक बल भी मुस्तैद कर दिए गए हैं। आतंकियों की घुसपैठ की संभावनाओं के कारण गश्त भी बढ़ा दी है और नाकों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।