भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत से पहले आतंकियों ने घाटी को दहला दिया। कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में 30 से अधिक आतंकियों ने घुसपैठ कर सुरक्षाबलों पर फायरिंग की। मुठभेड़ में एक दर्जन आतंकी ढेर हो गए।
अत्याधुनिक हथियारों और गोला-बारूद से लैस आतंकियों और सुरक्षाबल के जवानों के बीच एलओसी पर गोलीबारी 24 घंटे से ज्यादा समय से जारी है। मुठभेड़ जारी रहने की वजह से आतंकियों के शव नहीं उठाए जा सके हैं।
सुरक्षाबलों की कई टुकड़ियां कुपवाड़ा पहुंच गई हैं। सेना ने हेलीकाप्टरों की मदद से आतंकियों को निशाने पर लिया। चार आतंकी संगठनों के संयुक्त रूप से घुसपैठ की बात सामने आ रही है।
मंगलवार को खुफिया एजेंसियों की सूचना पर सुरक्षाबल ने सर्च आपरेशन शुरू किया। बुधवार की रात 30 से अधिक आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की।
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सुरक्षाबल के जवानों ने घेराबंदी की तो आतंकियों ने गोलाबारी शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में 12 आतंकियों को मार गिराया गया। गोलाबारी जारी होने की वजह से उनके शव वहीं पड़े हैं।
15वीं कोर के ले. जनरल गुरमीर सिंह के मुताबिक, मुठभेड़ चल रही है। जवानों से जो सूचनाएं मिली हैं उसके मुताबिक दस से बारह आतंकियों के शव देखे गए हैं। मुठभेड़ खत्म होने के बाद स्थिति साफ होगी।
चार तंजीमों से जुड़े आतंकियों ने योजना बनाकर एक साथ घुसपैठ की। यह सोची समझी साजिश थी, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया।
ले. जनरल का कहना है कि आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोइबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन और अल बदर के आतंकियों ने संयुक्त हमला किया है।
आतंकियों के पास बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद हैं। लगातार फायरिंग जारी रहने की वजह से सुरक्षाबलों ने हेलीकॉप्टर की भी मदद ली।
बुधवार रात से शुरू हुई गोलाबारी बृहस्पतिवार की शाम तक जारी रही। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबल ने भारी मात्रा में गोला-बारूद और असलहे भी बरामद किए हैं।