सीएम गहलोत सहित अन्य लोग
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इस अवसर पर 6 जिलों के 386 स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को 1 करोड़ 42 लाख रूपये की राशि राजस्थान महिला निधि से ऋण के रूप में प्रदान की। सामुदायिक स्तर पर विशिष्ट कार्य करने के लिए राजीविका कम्यूनिटी कैडर की 8 महिलाओं को भी पुरस्कृत किया। हर व्यक्ति को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर राजस्थान स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 10 लाख रुपए तक फ्री चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही राजकीय चिकित्सालयों में निःशुल्क ओपीडी, आईपीडी, निःशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध हो रही है। ऑर्गन ट्रांसप्लांट का खर्च भी सरकार स्वयं वहन कर रही है। केंद्र सरकार को भी राजस्थान मॉडल अपनाकर देशवासियों को निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध करानी चाहिए।
सीएम गहलोत ने कहा, हर प्रदेशवासी की सामाजिक सुरक्षा हमारा मुख्य ध्येय है। वर्तमान में लगभग 1 करोड़ लोगों को पेंशन मिल रही है, जिनमें विधवा, एकल नारी व बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं। जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कर स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत, सामाजिक सुरक्षा सहित आधारभूत ढांचे का विस्तार और विकास किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह, आशा सहयोगिनी व सुरक्षा सखियों को राज्य सरकार की योजनाएं को घर-घर तक ले जाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में उड़ान योजना के द्वितीय चरण का भी शुभारंभ किया गया, जिसमें एक करोड़ 45 लाख किशोरियों एवं महिलाओं के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस योजना के प्रथम चरण से 29 लाख किशोरियां और महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।
गहलोत सम्मानित करते हुए
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इस मौके पर टीएसपी क्षेत्र के 5 जिलों में पूर्व में लागू इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना का दायरा बढ़ाकर इसे सभी जिलों में लागू कर दिया गया। इस योजना के अंतर्गत दूसरे बच्चे के जन्म पर कुल 6000 रूपये 5 किश्तों में दिये जाते हैं। अब इस योजना का लाभ 1 अप्रेल 2022 से पूरे 33 जिले की महिलाओं को मिल सकेगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि राज्य सरकार के निरोगी राजस्थान की संकल्पना को आगे बढ़ाते हुए निशुल्क सैनिटरी नैपकिन योजना ‘उड़ान’ योजना लागू की गई, जिससे राजस्थान देश के लिए एक मॉडल स्टेट बन गया है। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि राज्य में महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री द्वारा बजट में महिला निधि स्थापित करने की एक ऐतिहासिक घोषणा की गई जिससे ‘समान अवसर समान अधिकार’ की संकल्पना पूर्ण हो सकेगी।
मजदूर किसान शक्ति संगठन की फाउण्डर श्रीमती अरूणा रॉय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बारे में सोचना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। यह हमारी एकजुटता से ही संभव हो पाएगा। राज्य की नई महिला नीति-2021 की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हर कार्यकाल में योजनाओं के केंद्र में महिलाएं रही हैं।