राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक कर्मचारियों को हर माह के चौथे शनिवार का अवकाश देने को हाईकोर्ट कर्मचारियों ने अपने साथ सौतेला व्यवहार बताया है। हाईकोर्ट कर्मचारी संघ की ओर से इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हाईकोर्ट कर्मचारियों के लिए भी शनिवार को अवकाश की मांग की गई है।
संघ के अध्यक्ष ऋतुराज शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार के विभागों में सप्ताह में पांच दिन कार्य दिवस होता है। इसके अलावा विधिक सेवा प्राधिकरणों और उपभोक्ता अदालतों में भी सप्ताह में पांच दिन ही काम होता है। ऐसे में हाईकोर्ट कर्मचारियों को सप्ताह में छह दिन कार्यालय बुलाकर उनके साथ साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में हाईकोर्ट प्रशासन की पूर्ण पीठ ने अगले साल से निचली अदालतों में हर माह के चौथे शनिवार का अवकाश तय किया था।
इसके बाद प्रशासन की ओर से कलैण्डर भी जारी किया जा चुका है। जिसमें निचली अदालतों के कर्मचारियों को हाईकोर्ट कर्मचारी के मुकाबले एक दर्जन अवकाश अधिक दिए गए हैं। हाईकोर्ट कर्मचारी संघ का कहना है कि हाईकोर्ट में शनिवार को न्यायाधीश न्यायिक कार्य नहीं करते हैं। ऐसे में यदि हाईकोर्ट कर्मचारियों का शनिवार का अवकाश घोषित किया जाता है तो मुकदमों के निस्तारण पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।