राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर की रिंग रोड गायब होने के मामले में नाराजगी जाहिर की।
जस्टिस गोविन्द माथुर व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ ने समाजसेवी महेन्द्र लोढा की अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए जेडीए को निर्देश दिए हैं कि छह नवम्बर को रिंग रोड के दस्तावेज पेश करे। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आज दस्तावेज पेश किए जाने थे, लेकिन जब जेडीए के अधिकारियों से हाईकोर्ट ने पूछा तो वो जवाब नहीं दे सके। हाईकोर्ट ने कहा कि आखिर कहां गायब हो गई जोधपुर की रिंग रोड। इन और आउट दो रिंग रोड का प्रोजेक्ट है लेकिन किसी को नहीं मालूम कि कहां है।
कोर्ट ने कहा कि जेडीए ने सरकार को प्रपोजल भी भेजा है या नहीं, इसका जवाब पेश करें। सरकार जयपुर व उदयपुर में रिंग रोड बना रही है बजट भी दिया गया है, यहां तक उदयपुर को एक सौ छह करोड़ का बजट आवंटित किया गया, लेकिन जोधपुर शहर के लिए कुछ नहीं है। ऐसे में जेडीए के अधिकारी छह नवम्बर को दस्तावेज पेश करें कि आखिर आउट रिंग रोड कहां है और उसके प्रपोजल का क्या स्टेटस है।