हैंडसम सुपर स्टार विनोद खन्ना का राजस्थान से भी अलग रिश्ता रहा है। यह रिश्ता उनकी रील लाइफ में साफ तौर पर झलकता है। कई फिल्में हैं, जिनकी कहानी या तो राजस्थानी पृष्ठभूमि पर बनी है या फिर उनकी फिल्मों की शूटिंग राजस्थान की रंग-बिरंगी धरती पर हुई है। 'रेशमा और शेरा' से लेकर 'बंटवारा' तक, कई फिल्में हैं जो राजस्थानी टच लिए हैं।
विनोद खन्ना का बुधवार को निधन हो गया। साल 1971 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म 'रेशमा और शेरा' में राजस्थान की झलक देखने को मिली। फिल्म की शूटिंग का एक हिस्सा जैसलमेर में फिल्माया गया। फिल्म में विनोद खन्ना के साथ ही अमिताभ बच्चन, सुनील दत्त, नरगिस, रणजीत समेत कई कलाकार काम कर रहे थे। फिल्म में विनोद ने नरगिस के भाई विजय का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी की पृष्ठभूमि में राजस्थानी संस्कृति से लबरेज नजर आई। फिल्म में विनोद खन्ना का लुक भी उसी तरह का दिखा।
वर्ष 1989 में आई फिल्म 'बंटवारा' में विनोद खन्ना और धर्मेंद्र एक साथ नजर आए। फिल्म की कहानी भी राजस्थानी पृष्ठभूमि पर गढ़ी गई थी। फिल्म में डिम्पल कपाड़िया, अमृता सिंह भी थीं। फिल्म का निर्देशन जे.पी. दत्ता ने किया था। फिल्म का एक गाना 'थारे वास्ते रे ढोला....तु म्हारो कौन लागे...' काफी प्रसिद्ध हुआ था। फिल्म में दो दोस्तों की कहानी को भी राजस्थानी परिवेश के साथ दिखाया गया।
इसके अलावा साल 1991 में डिंपल कपाड़िया के साथ ही आई फिल्म 'लेकिन' में भी विनोद खन्ना नजर आए। यहां भी विनोद खन्ना और राजस्थान का कनेक्शन दिखा। फिल्म के कई दृश्य रेगिस्तान में फिल्माए गए। राजस्थान के नजारों को अपने में समेटे इस फिल्म के प्रोड्यूसर लता मंगेशकर थी। इस फिल्म का गाना 'यारा सिली सिली...' काफी प्रसिद्ध् भी हुआ और फिल्म ने कई अवॉर्ड भी अपने नाम किए।
इस फिल्म के दो साल बाद ही 1993 में एक और फिल्म आई जो राजस्थानी राजपूत समाज के परिवेश पर बनी। फिल्म का नाम था 'क्षत्रिय' और इसका निर्देशन जे.पी. दत्ता ने किया था। फिल्म की शूटिंग जयपुर के पास नायला में भी हुई थी। फिल्म में विनोद के साथ ही धर्मेंद्र भी थे। फिल्म में दोनों ऐसे परिवारों को मुखिया था जो एक दूसरे के जान के दुश्मन थे।