आईआईटी में सलेक्शन होने के बाद एक छात्र सेलिब्रेशन किस तरह करेगा...। मिठाई खिलाकर, दोस्तों के साथ पार्टी करेगा या और भी कई तरीके हो सकते हैं। लेकिन सबसे अनोखी मिसाल पेश की है एक छात्र ने। इसने उस सड़क को चमका दिया, जहां से यह दो साल तक गुजरा।
मामला कोटा के एक कोचिंग छात्र का है। हर्षवर्धन कोटा में रहकर दो साल से कोचिंग की तैयार कर रहा था। वह रोज कोचिंग जाता और रास्ते में उसे कोटा कॉमर्स कॉलेज की इस स्लिप लेन से गुजरना पड़ता। वह वहां जमा कचरे के ढेर को देखता और जानवरों की आवाजाही। कचरे के ढेर से आती बदबू से गुजरना तक मुश्किल हो जाता।
कई बार परेशान हुआ और फिर मन में एक बात ठाना कि आईआईटी की तैयारी से फ्री होने के बाद सबसे पहला काम इस सड़क की दशा को बदलने का ही करुंगा। चूंकि उस वक्त समय पढ़ाई का था, तो पूरा ध्यान पढ़ाई पर ही दिया। रोज उसी रास्ते से गुजरता। इंतजार करने लगा अपने परिणाम का। परिणाम आए और आईआईटी में सलेक्शन हो गया।
बना लिया कारवां और बदल दी सूरत
इस टीम ने चमका दी सड़क
- फोटो : अमर उजाला
अब वक्त था अपने किए फैसले को अमल में लाने का। हर्षवर्धन ने इस बारे में अपने माता पिता और दोस्तों से बात की। सभी ने उसके इस फैसले को अमल में लाने उसका साथ देने का वादा किया। उसकी पहल पर कुछ स्थानीय लोग भी साथ आ गए।
काम शुरू हुआ रास्ते की सफाई से। पूरे रास्ते की सफाई की गई। सभी ने मिलकर पूरी सड़क को चमका दिया। इसके बाद गंदगी के काली पड़चु की दीवार पर रंग रोगन कर उसे चमका दिया गया। अब पूरे रास्ते की सूरत ही बदल गई है।
यहां से गुजरने वाले न तो अब मुंह पर रुमाल रखने को मजबूर हो रहे हैं न ही नाक सिकोड़ने को। इसके साथ ही सजी हुई दीवार को देखकर लोगों के चेहरे पर अपने आप ही मुस्कान खिल रही है।
एेसी ईमानदारी कि सभी कर रहे हैं तारीफ
ऐसे थे पहले हालात
- फोटो : अमर उजाला
अब चमकती हुए रास्ते को देखकर हर्ष वर्धन और उसके दोस्तों की तारीफ करते लोग थक नहीं रहे। लोगों का कहना है कि अगर स्वच्छता अभियान में सभी अपनी अपनी भूमिका ईमानदारी से निभा दें, तो न कहीं गंदगी रहे न किसी को इस तरह का कदम उठाने की जरूरत पड़े।
छात्र हर्षवर्धन के इस प्रयास की खूब सराहना हो रही है। यहां तक की कलेक्टर रोहित गुप्ता ने भी इस प्रयास को काबिले तारीफ कदम बताया। गुप्ता ने सभी को हर्षवर्धन से प्रेरणा लेने की बात की है।