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Rajasthan: स्वतंत्रता दिवस से पहले दो जासूस गिरफ्तार, पाकिस्तान भेज रहे थे सेना की गोपनीय जानकारी

Sun, 14 Aug 2022 03:28 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

एक जासूस जयपुर और दूसरा भीलवाड़ा का रहने वाला है। दोनों आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर को सेना की जानकारी और सिम उपलब्ध करवाते थे। जिसके बदले वो मोटी रकम ले रहे थे। वहीं एक हैंडलर को पाकिस्तान जाने का ऑफर भी दिया गया था।
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गिरफ्तार जासूस - फोटो : Social Media
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विस्तार
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स्वतंत्रता दिवस से पहले राजस्थान पुलिस की खुफिया एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की है। खुफिया एजेंसी ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी ने पाकिस्तानी हैंडलर को कई कंपनियों के सिम कार्ड मुहैया कराए थे। वहीं दूसरा सेना की गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान भेजता था।

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आरोपियों की पहचान भीलवाड़ा निवासी नारायण लाल गदरी (27 साल) और जयपुर कुलदीप शेखावत (24 साल) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि नारायण लाल गदरी पाकिस्तानी हैंडलरों को कई कंपनियों के सिम उपलब्ध करवाता था। जिनका इस्तेमाल पाकिस्तानी हैंडलर सोशल मीडिया अकाउंट चलाने के लिए करते थे।


वहीं कुलदीप शेखावत पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में था। वह सेना के जवानों से सोशल मीडिया पर दोस्ती करता था। फिर उनके गोपनीय सूचना हासिल करता था। दोनों आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर से जासूसी करने के लिए मोटी रकम ले रहे थे।

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फेसबुक लिंक से व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ा
आरोपी नारायण लाल ने पूछताछ में बताया कि वह पांचवीं तक पढ़ा हुआ है। पहले वह कुल्फी बेचने, बकरी पालने और गाड़ी चलाने के लिए काम करता था। एक दिन उसे फेसबुक पर एक लिंक मिला। जिसके जरिए वह एक व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ गया। उस ग्रुप में अश्लील सामग्री शेयर की जाती थी। व्हाट्सअप ग्रुप में पाकिस्तान सहित कई देशों के नागरिक जुड़े हुए थे। 

नारायण लाल का कहना है कि उसने व्हाट्सअप ग्रुप छोड़ दिया था लेकिन एक दिन उसे एक पाकिस्तानी नंबर से कॉल आया। जिसने अपना नाम अनिल बताया। उसने नारायण लाल से ग्रुप छोड़ने का कारण पूछा। जिसके बाद दोनों की बातचीत होने लगी।

पाकिस्तान जाने का मिला ऑफर
आरोपी नारायण लाल ने बताया कि अनिल ने उसे पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव साहिल से मिलवाया। जिसने उसे अपने साथ पाकिस्तान चलने को कहा। साहिल ने पूरा खर्च और डॉक्यूमेंट्स बनाने की भी बात कही। जिसके बाद नारायण लाल ने अपनी आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि की जानकारी साझा कर दी।

पांच सिम खरीदकर दिए पाकिस्तानी हैंडलर को
नारायण लाल का कहना है कि अनिल और साहिल ने उससे दो सिम कार्ड खरीदवाए। उसने पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के बताए पते पर दोनों सिम भेज दी। इसके बाद उसने तीन और सिम खरीद कर भेजी। जिसके बदले नारायण लाल को पांच हजार रुपये दिए गए।

शॉपिंग स्पेस की रेकी भी की
नारायणलाल को मिलिट्री एरिया में घुसने, सेना के जवानों से दोस्ती करने, सैन्य ठिकानों के फोटो और वीडियो भेजने के लिए कहा गया। यहां तक की कन्हैयालाल की वीडियो देखने के लिए भी कहा गया। उसे उदयपुर छावनी से सटे शॉपिंग स्पेस की रेकी भी करवाया गया। वहीं के एक दुकान की लोकेशन नारायण लाल ने गुगल मैप के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर को भेजी थी।
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