देश में तीन तलाक को लेकर छिड़ी बहस के बीच बुधवार को राजस्थान के जोधपुर में तीन तलाक के दो मामले सामने आए हैं। इनमें पत्नियों को उनके पतियों ने कागज पर तीन बार तलाक-तलाक लिखकर उनसे छुटकारा पाने की कोशिश की है। पीड़िताओं ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
जोधपुर के मुस्लिम समुदाय की दो महिलाएं अफसाना बानो व शगुप्ता ने पतियों पर तीन बार तलाक-तलाक कहकर तलाक देने का आरोप लगाया। इन दोनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी मुस्लिम समाज में त्रिपल तलाक की आड़ लेकर किए जा रहे अत्याचार और शोषण को रोकने की मांग की है। जोधपुर के बंबा बड़ी मस्जिद इलाके में रहने वाली अफसाना बानो की शादी 22 अप्रैल 2009 को गुलजारपुरा निवासी मोहसीन खान के साथ हुई थी। उसने बताया कि शादी के बाद आए दिन दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई। उसने विरोध किया तो ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। इसके बाद एक पत्र पर तलाक-तलाक-तलाक लिखकर भेजकर छुटकारा पाने का प्रयास किया गया।
दूसरा मामला सोजती गेट निवासी शगुफ्ता का है। उसने बताया कि उसकी शादी 7 दिसंबर 2015 को मो. अब्दुल रिजवान के साथ हुई थी। उससे उसका एक बेटा भी है। पति बेरोजगार है और रोज उसके साथ मारपीट करता था। परेशान होकर वह अपने पीहर चली आई तो उसके पति ने उसे तीन तलाक की तर्ज पर नोटिस भेज कर छोड़ दिया। पीडिता के वकील अमित माहेश्वरी ने बताया कि यह दोनो मुकदमे काफी संवेदनशील है।
जोधपुर महिला थाना पश्चिम में ये मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि मामला दर्ज करने से पहले दोनों ही मामलों में दोनों पक्षों की काउंसलिंग भी की। थानाप्रभारी के अनुसार, मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है।
फसाना के पिता ने कहा कि जिस तरह से तलाक दिया गया है वह मुस्लिम धर्म की परम्पराओं के अनुसार नहीं है। तलाक से पहले समझाइश होती है, बातचीत होती है तथा सही कारण होने के बाद ही तलाक होता है। इस बारे में हमने धर्मगुरुओं से भी बात की और वे भी गलत मानते है। ऐसे में हम कुछ नहीं कर सकते।