बांसवाड़ा जिले के महात्मा गांधी अस्पताल में नवजात शिशुओं की हुई मृत्यु के मामले में सरकार आज गंभीर नजर आई। जांच रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने पीएमओ समेत 3 डॉक्टर्स को निलंबित कर दिया।
इसके अलावा 6 डॉक्टर्स को एपीओ कर दिया। मामले की जांच निदेशक आरसीएच से करवाई गई थी। इसके अलावा 3 डॉक्टर्स और 4 नर्सिंगकर्मियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार चिकित्सामंत्री सराफ एवं प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग वीनू गुप्ता ने सोमवार को बांसवाड़ा जिला अस्पताल की स्थिति के बारे में प्राप्त रिपोर्ट की विस्तार से समीक्षा की।
इस रिपोर्ट के आधार पर पीएमओ डाॅक्टर वीके जैन, प्रमुख विशेषज्ञ गायनी डाॅक्टर पीसी यादव एवं ब्लाॅक पीएमओ डाॅक्टर जितेन्द्र बंजारा को निलम्बित किया गया है। इसके अलावा बांसवाड़ा में पदस्थापित 6 चिकित्सकों को आरसीएचओ डाॅक्टर मनीषा चौधरी, प्रमुख विशेषज्ञ, गायनी डाॅक्टर दिव्या पाठक, डाॅक्टर ओपी उपाध्याय, डाॅक्टर जयश्री जैन एवं कनिष्ठ विषेषज्ञ गायनी डाॅक्टर शालिनी नानावाटी को एपीओ किया गया है।
इन पर भी हुई कार्रवाई, अब इन पर जताया भरोसा
doctors day
- फोटो : Demo pic
आदेश के मुताबिक 3 चिकित्सकों डाॅक्टर पुष्पा कुमारी चरपोटा व डाॅक्टर प्रीतेश जैन व डॉक्टर एमके जैन के विरूद्ध सीसीए नियम 17 में कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है। साथ ही बांसवाड़ा में पदस्थापित चिकित्साकर्मी सुन्दरी वैष्णव, इन्दिरा माईडा व सुकली गरासिया व सुन्नी एमटी को निलम्बित कर 17 सीसीए की कार्यवाही की गयी है।
चिकित्सा मंत्री सराफ ने बताया कि कनिष्ठ विशेषज्ञ गायनी डाॅक्टर दिप्ती चित्रा, एसएमओ शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर अमित श्रीवास्तव, जेएस गायनी डाॅक्टर बनवारी लाल मीना, एसएस गायनी डाॅक्टर सत्यनारायण चौबीसा, विशेषज्ञ सर्जरी डाॅक्टर एमपी शर्मा एवं एसएमओ डॉक्टर ओपी कुलदीप को कार्य व्यवस्था के तहत बांसवाड़ा जिला अस्पताल में पदस्थापित किया गया है। इनके अतिरिक्त चिकित्साकर्मी जया आहरी, कीर्ति पठान, दिप्ती सिंह एवं कमला डामोर जो कि कुशल प्रसव सहायक है, इनको जिला अस्पताल के लेबर रूम में पदस्थापित किया गया है।