कोरोना संक्रमण के दौरान मेले आयोजित नहीं होने के कारण दो साल बाद होने वाले मेले को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है। मेले के दौरान करीब आठ लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। त्रिनेत्र गणेश मेला आज से शुरू होगा, जो 30 अगस्त से 1 सितंबर तक लक्खी मेले के रुप में कई आयोजन होंगे।
बता दें कि मेले को लेकर सोमवार से ही यात्रियों का आने का सिलसिला शुरू हो गया है। त्रिनेत्र गणेश मन्दिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लग गई है। ऐसे में प्रशासन और मन्दिर ट्रस्ट को इस बार मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जता रहे हैं, जिसे लेकर प्रशासन और मन्दिर ट्रस्ट द्वारा मेले की व्यवस्थाओं को संभाल लिया गया है।
मेले को लेकर प्रशासन सक्रिय
तीन दिवसीय लक्खी मेले को लेकर मन्दिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन द्वारा शेरपुर हेलीपेड से मन्दिर प्रांगण तक व्यवस्थाओं को अंजाम देकर मेला परिसर को अलग-अलग सेक्टर में विभाजित किया गया है, जिसे लेकर पांच मेला मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। वहीं पुलिस का भारी जाब्ता भी तैनात किया गया है। कई जगहो पर बैरिकेटिंग की गई है। श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशन से मेला स्थल तक रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है।
त्रिनेत्र गणेश गणेश मेले की व्यवस्थाओं को लेकर मंदिर ट्रस्ट सहित जिला प्रशासन पुरी तरह से अलर्ट है और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। मेला परिसर को अलग-अलग सेक्टर में विभाजित किया गया है और पांच मेला मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। पुलिस की ओर से 9 सेक्टर्स का गठन किया गया है। मेले के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से 1500 पुलिस जवानों का जाप्ता तैनात किया जाएगा। वहीं, रेलवे विभाग द्वारा आज से स्पेशल ट्रेन का संचालन किया गया है।
मेले में तीसरी आंख की नजर भी रहेगी। इसके लिए कुल 27 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 12 सीसीटीवी कैमरे गणेश धाम और रणथम्भौर रोड पर व 15 सीसीटीवी कैमरे मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्रों में लगाए गए हैं। वहीं, मेले के दौरान साफ-सफाई विशेष इंतजाम किया गया है। सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद द्वारा दो शिफ्ट में 90-90 सफाई कार्मिक लगाए गए हैं।
भामाशाह और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा जगह-जगह निशुल्क भंडारे लगाए गए हैं, गणेश जी महाराज के आने वाले यात्रियों को लिए चाय, नाश्ता ,भोजन ,पानी आदि की व्यवस्था की गई है। गणेश मंदिर महंत संजय दाधीच ने बताया, बुधवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर मुख्य मेले का आयोजन होगा। इस अवसर पर रणथम्भौर दुर्ग स्थित मंदिर परिसर में भगवान गजानन का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। साथ ही जन्म झांकी सजाई जाएगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।